नई दिल्ली: दिसंबर 2018 में हुए विधानसभा चुनाव में अपनी पार्टी टीआरएस को एकतरफा जीत दिलाने वाले के. चंद्रशेखर राव ने 13 दिसंबर को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी. सीएम के साथ ही तेलंगाना विधान परिषद के सदस्य मोहम्मद महमूद अली ने भी मंत्री के रूप में शपथ ली थी. टीआरएस ने 119 सदस्यीय विधानसभा में 88 सीटें जीतकर राज्‍य में अपनी सत्ता बरकरार रखी थी. 13 दिसंबर से दो ही लोग सरकार चला रहे हैं. कई बार मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चा हुई लेकिन बात आगे नहीं बढ़ी. दो महीने होने को हैं लेकिन तेलंगाना में पूर्ण कैबिनेट की एक भी बैठक नहीं हुई है. हालांकि जब मंत्री ही नहीं बनाए गए हैं तो पूर्ण बैठक का सवाल ही नहीं उठता.

13 दिसंबर को बने थे सीएम
सात दिसंबर को विधानसभा चुनाव में अपनी पार्टी को शानदार जीत मिलने के बाद चंद्रशेखर राव ने 13 दिसंबर को दूसरी बार मुख्यमंत्री का कार्यभार संभाला था. सरकार के पास करीब साठ विभाग हैं और वहां के मंत्रिमंडल में 17 मंत्री बनाए जा सकते हैं क्योंकि तेलंगाना विधानसभा की कुल सदस्य संख्या 119 है. संविधान के तहत किसी राज्य में विधानसभा की कुल सदस्य संख्या के हिसाब से 15 प्रतिशत मंत्री बनाए जाने का प्रावधान है लेकिन अब तक सीएम के अलावा सिर्फ एक मंत्री बनाया गया है.

बीजेपी ने उठाए सवाल
भाजपा की तेलंगाना इकाई ने सरकार बनने के 50 दिनों के बाद भी पूर्ण मंत्रिमंडल का गठन नहीं करने को लेकर सत्तारूढ़ टीआरएस की आलोचना की और दावा किया कि संविधान में मंत्रिपरिषद के गठन पर जोर दिया गया है.भाजपा के प्रवक्ता कृष्ण सागर राव का कहना है कि कोई कैबिनेट नहीं है, अधिकारी सरकार चला रहे हैं. यह एक या दो दिनों की .. चार दिनों की देरी नहीं है, केसीआर (मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव) के पदभार ग्रहण करने के बाद से यह दूसरा महीना चल रहा है. प्रवक्ता ने दावा किया कि यह ‘भारत के लिए यह एक नया रिकार्ड’ है और तेलंगाना के लिए ‘शर्म का विषय’ है कि करीब दो महीने बाद भी एक पूर्ण कैबिनेट का गठन नहीं किया गया. भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 163 में मुख्यमंत्री और राज्यपाल की सहायता के लिए मंत्रिपरिषद के गठन की बात कही गई है.

क्यों हो रही है कैबिनेट विस्तार में देरी
टीआरएस सूत्रों का कहना है कि केसीआर कैबिनेट विस्तार के लिए इसलिए समय ले रहे हैं क्योंकि वह विभागों को सुव्यवस्थित करना चाहते हैं. एक पूर्व मंत्री ने बताया कि सीएम सभी संबंधित विभाग एक मंत्रालय के अधीन चाहते हैं. ऐसा होने का बाद कैबिनेट का विस्तार कर दिया जाएगा. टीआरएस के प्रवक्ता आबिद रसूल खान का कहना है कि 60 विभाग हैं और तेलंगाना में सीएम के अलावा 17 मंत्री हो सकते हैं. IAS अधिकारियों की एक समिति सभी संबंधित विभागों को एक मंत्रालय के अधीन लाने के लिए काम कर रही है. इसके पूरा होने पर मंत्रिमंडल का विस्तार किया जाएगा.

 अंधविश्वास या कुछ और
केसीआर को अंधविश्वासी माना जाता है. कुछ लोगों का कहना है कि वब शुभ समय की प्रतीक्षा कर रहे हैं. नतीजे आने से पहले ही पंडितों ने केसीआर की जीत की भविष्यवाणी कर दी थी. जोतिषाचार्यों को यह विश्वास था कि केसीआर एक बार फिर मुख्यमंत्री का पद ग्रहण करेंगे. उनकी कुंडली को देखते हुए जानकारों ने बताया था उनके सितारे इस वक्त इतने मजबूत हैं कि किसी भी गठबंधन या व्यक्ति का उनके सामने का टिकना संभव नहीं है. ऐसा हुआ भी और टीआरएस 88 सीटें जीतने में कामयाब रही. के चंद्रशेखर राव ने सीएम बनने के लिए शुभ मुहूर्त का इंतजार किया था.