संगरूर :  पंजाब के संगरूर जिले में 150 फुट गहरे बोरवेल में गिरे साल के फतेहवीर सिंह को करीब 109 घंटे बाद मंगलवार सुबह बाहर निकाला गया, लेकिन वह मृत पाया गया. एनडीआरएफ के कर्मियों ने सुबह करीब साढ़े पांच बजे बच्चे को बोरवेल से बाहर निकाला. फतेहवीर को मेडिकल सुविधा प्रदान करने के लिए डॉक्टरों की एक टीम मौके पर ही मौजूद थी. वेंटिलेटर की सुविधा से युक्त एक एंबुलेंस भी वहां मौजूद थी. बोरवेल से निकालने के बाद उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.

फतेहवीर सिंह जिले के भगवानपुरा गांव में अपने घर के पास एक सूखे पड़े बोरवेल में गुरुवार शाम करीब चार बजे गिर गया था. बोरवेल कपड़े से ढंका हुआ था, इसलिए बच्चा दुर्घटनावश उसमें गिर गया. बच्चे को बाहर निकालने के लिए व्यापक स्तर पर एक बचाव अभियान चलाया गया. अधिकारी बच्चे तक ऑक्सीजन पहुंचाने में तो सफल रहे, लेकिन वे उस तक खाना-पीना नहीं पहुंचा पाए थे. बच्चे को बचाने के लिए बोरवेल के समांतर एक दूसरा बोरवेल खोदा गया और उसमें कंक्रीट के बने 36 इंच व्यास के पाइप डाले गए थे.

इस घटना से कुरूक्षेत्र में 2006 में गिरे बच्चे प्रिंस को बचाए जाने की घटना की याद ताजा हो गई. प्रिंस को करीब 48 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था.