नई दिल्ली: भड़काऊ भाषण देने के आरोप में दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा द्वारा गिरफ्तार और फिलहाल जेल में बंद शरजील इमाम के खिलाफ यूएपीए अधिनियम भी लगा दिया गया है. दिल्ली पुलिस ने यह कार्रवाई अब तक हुई जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर की है. शरजील के वकील ने हालांकि इसे महज शरजील की रिहाई में देरी का ‘पुलिसिया हथकंडा’ बताया है. Also Read - Tabligi Markaz: मौलान साद की बढ़ने वाली हैं मुश्किलें, 20 देशों के 83 विदेशियों के खिलाफ मामला दर्ज, 14000 पन्नों की है चार्जशीट

शरजील को करीब तीन महीने पहले दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने बिहार से गिरफ्तार किया था. उस पर भड़काऊ भाषण देने और हिंसा फैलाने जैसी धाराओं में केस दर्ज हुआ था. शरजील के वे वीडियो भी दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने जब्त कर लिए थे, जिनके जरिये वह लोगों को फसाद के लिए उकसा रहा था. Also Read - 916 तब्लीगी जमातियों के खिलाफ दिल्ली पुलिस लेगी बड़ा एक्शन, इन आरोपों के तहत दायर होगी चार्जशीट

दिल्ली पुलिस प्रवक्ता सहायक पुलिस आयुक्त अनिल मित्तल ने बुधवार को शरजील पर यूएपीए लगाने की पुष्टि की. उधर शरजील के वकील इब्राहिम ने कहा, “अब इस मौके पर यूएपीए लगाना सिर्फ और सिर्फ दिल्ली पुलिस द्वारा परेशान किए जाने का हथकंडा है. Also Read - दिल्ली पुलिस के कोरोना संक्रमित कर्मचारियों को 1 लाख के बजाय मिलेंगे सिर्फ 10 हजार रुपये, अधिकारियों ने लिया फैसला

एडवोकेट इब्राहिम ने कहा कि शरजील की गिरफ्तारी को 27 अप्रैल, 2020 को 90 दिन हो चुके हैं. तय समय सीमा यानी 90 दिन के भीतर दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच शरजील के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल नहीं कर पाई. अब उसे जेल में बंद रखने के लिए यूएपीए का सहारा ले रही है, जो सरासर अनुचित है. ऐसे में यूएपीए लगाना फिलहाल वक्त बर्बाद करने से ज्यादा कुछ नहीं है.