नई दिल्ली: अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए अपनी आवाज बुलंद करते हुए शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह 25 नवंबर को अयोध्या जाएंगे. उन्होंने इस मुद्दे को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी ‘‘सवाल’’ किया. 2019 में होने वाले लोकसभा चुनावों से कुछ महीने पहले मुंबई में पार्टी की वार्षिक दशहरा रैली को संबोधित करते हुए ठाकरे ने कहा कि देश में ‘‘2014 जैसी लहर’’ नहीं है. Also Read - पीएम मोदी के प्रयासों और उपायों के कारण कोरोना भारत में दूसरे स्टेज पर ही रूका : योगी आदित्यनाथ

भाजपा ने 2014 में अपनी चुनावी जीत का श्रेय ‘‘मोदी लहर’’ को दिया था. ठाकरे ने शिवसेना कार्यकर्ताओं से चुनावों के लिए तैयार रहने को कहा है. इसी साल हुए पार्टी के सम्मेलन में शिवसेना ने घोषणा की थी वह भविष्य में होने वाले चुनाव अकेले लड़ेगी. शिवसेना केंद्र और महाराष्ट्र में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार में साझीदार है और राजग का सबसे पुराना घटक दल है. Also Read - शिवसेना का पीएम पर तंज, मुखपत्र में लिखा- संकट से ताली बजाकर या दिया जलाकर नहीं निपटा जा सकता

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ठाकरे ने पार्टी कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में कहा, ‘‘मैं 25 नवंबर को अयोध्या जाउंगा. मैं प्रधानमंत्री मोदी से सवाल करूंगा (मंदिर निर्माण में कथित देरी पर)…हम प्रधानमंत्री के दुश्मन नहीं है, लेकिन हम लोगों की भावनाओं के साथ नहीं खेलना चाहते.’’ उन्होंने यह भी जानना चाहा कि प्रधानमंत्री बनने के साढ़े चार साल बाद भी मोदी क्यों अयोध्या नहीं गए.

ठाकरे ने भाजपा से कहा कि वह राम मंदिर निर्माण के अपने वादे को अगर पूरा नहीं करती है तो इसे ‘‘जुमला’’ घोषित कर दे. वहीं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत द्वारा अयोध्‍या में राम मंदिर निर्माण के लिए कानून की मांग करने के बाद बिहार में सत्तारूढ़ भाजपा और जद (यू) बंटे नजर आ रहे हैं. जद (यू) ने जहां इस बयान से पूरी तरह किनारा करते हुए अपने पुराने विचार पर कायम रहने की बात कही, वहीं भाजपा ने संघ प्रमुख के बयान का समर्थन किया है.

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भागवत ने गुरुवार को नागपुर में आयोजित शस्त्र-पूजन कार्यक्रम में अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण को राष्ट्रीय हित का मुद्दा बताते हुए कहा कि जल्द से जल्द उचित कानून लाकर मंदिर बनाया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि कुछ रुढ़िवादी तत्व इस प्रक्रिया में बाधा डाल रहे हैं, जो निंदनीय है.