मुंबई: महाराष्ट्र में विधानसभा चुनावों के बाद शिवसेना के साथ मुख्यमंत्री पद की साझेदारी को लेकर जारी गतिरोध के बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया. फडणवीस ने महाराष्ट्र में सरकार का गठन न हो पाने को लेकर पूरी सरह से शिवसेना को दोष दिया था. हालांकि फडणवीस की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने उनके सभी आरोपों का जवाब देते हुआ कहा कि फडणवीस झूठ बोल रहे थे. ठाकरे ने कहा कि खुद अमित शाह उनसे बात करने के लिए मुंबई आए थे. उन्होंने कहा कि वे बाला साहेब की तरह सच के साथ खड़े रहे.

शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने सहयोगी दल भाजपा को, उन्हें ‘‘ झूठा साबित करने’’ के प्रयास के लिए आड़े हाथ लिया और दावा किया कि अमित शाह के साथ उनकी बातचीत के दौरान पार्टी महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री का पद साझा करने पर सहमत हुई थी. ठाकरे ने फडणवीस के इस दावे पर कड़ी प्रतिक्रिया जतायी कि मुख्यमंत्री पद के ढाई ढाई साल बंटवारे को लेकर कोई समझौता नहीं हुआ था. ठाकरे ने एक बार फिर कहा कि उन्हें इससे ठेस लगी है कि भाजपा ने उन्हें एक झूठे के तौर पर पेश करने का प्रयास किया.

ठाकरे ने कहा कि उन्होंने 24 अक्टूबर को विधानसभा चुनाव परिणाम आने के बाद भाजपा के साथ बातचीत नहीं की क्योंकि वह यह बर्दाश्त नहीं कर सकते थे कि उन्हें झूठा कहा जाए. शिवसेना प्रमुख ठाकरे ने फडणवीस के इस दावे से भी इनकार किया कि शिवसेना नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाना बनाया. ठाकरे ने कहा कि उन्होंने मोदी पर निशाना नहीं साधा लेकिन राजग सरकार की समय समय पर नीतियों को लेकर आलोचना की.

उद्धव ठाकरे ने कहा, “मैंने बालासाहेब से वादा किया था कि एक दिन शिवसेना का मुख्यमंत्री होगा और मैं उस वादे को पूरा करूंगा, इसके लिए मुझे अमित शाह और देवेंद्र फड़नवीस की जरूरत नहीं है.” उद्धव ठाकरे ने आगे कहा कि उन्होंने बीजेपी के साथ चर्चा के लिए दरवाजे कभी बंद नहीं किए. ठाकरे ने कहा, “उन्होंने (भाजपा) हमसे झूठ बोला इसलिए हमने उनसे बात नहीं की। हमने अभी तक एनसीपी के साथ बातचीत नहीं की है.”

उद्धव ठाकरे अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में आगे कहा, “यह बहुत दुखद है कि गंगा की सफाई करते समय उनके दिमाग प्रदूषित हो गए. मुझे बुरा लगा कि हमने गलत लोगों के साथ गठबंधन में प्रवेश किया.”

बता दें कि शिवसेना ने दावा किया था कि लोकसभा चुनावों से पहले दोनों गठबंधन सहयोगियों ने अगले कार्यकाल में ढाई-ढाई साल के लिये मुख्यमंत्री पद की साझेदारी का फैसला किया था. फड़णवीस ने दावा किया कि उन्होंने शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे से गतिरोध तोड़ने के लिये फोन पर बात करने की कोशिश की लेकिन, ‘‘उद्धव जी ने मेरा फोन नहीं उठाया.’’