पिछले दिनों अनुराग कश्यप सह-निर्मित ‘उड़ता पंजाब’ में 89 कट लगाने का दबाव बनाने वाले केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) के अध्यक्ष पहलाज निहलानी ने कहा कि 13 कट लगाने के बाद फिल्म को ‘ए’ प्रमाण-पत्र दे दिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि फिल्म के निर्माताओं से कभी फिल्म के नाम से पंजाब हटाने के लिए नहीं कहा गया था। Also Read - आठवले की पार्टी में शामिल हुईं पायल घोष, अनुराग कश्यप पर लगाया है #MeToo का आरोप; तस्वीरें

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फिल्म को रविवार देर शाम ‘ए’ प्रमाण-पत्र दिए जाने के बाद निहलानी ने संवाददाताओं को बताया, “उड़ता पंजाब को ए प्रमाण-पत्र (वयस्कों के लिए) के साथ पास कर दिया गया है। हमने इसमें 13 कट लगाए हैं।” Also Read - पायल घोष ने पीएम मोदी तक फिर पहुंचाई आवाज़, ट्वीट कर कहा- 'ये माफिया गैंग मुझे मार डालेगा'

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उन्होंने कहा कि अब गेंद इसके निर्माताओं के पाले में है।

निहलानी ने कहा, “ये अब उन्हें देखना है कि वे अदालत के पास जाएं या न्यायाधिकरण के पास और अदालत इस मामले में क्या फैसला दे रही है। फिल्म निर्माता का आरोप है कि हमने नाम में बदलाव करने के लिए कहा, लेकिन हमने कभी ऐसा करने के लिए नहीं कहा था।”

अनुराग कश्यप के स्वामित्व वाली फैंटम फिल्म्स और एकता कपूर के स्वामित्व वाली बालाजी मोशन पिक्चर्स सह-निर्मित ‘उड़ता पंजाब’ पंजाब में व्याप्त नशे की समस्या को लिए हुए है।

अभिषेक चौबे निर्देशित इस फिल्म को 17 जून को रिलीज किया जाना है।

सीबीएफसी अध्यक्ष निहलानी के फिल्म से 89 दृश्य निकालने के सुझाव के बाद से फिल्म जबर्दस्त रूप से सुर्खियों में रही है। अनुराग ने उस वक्त निहलानी के कामकाज संबंधी ‘तानाशाहीपूर्ण’ रवैये की निंदा की थी।

सीबीएफसी की पुनरीक्षण समिति ने बाद में प्रस्तावित 89 कटों को कम कर 13 कर दिया।

फिल्म के निर्माताओं ने इसके खिलाफ बंबई उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है, जो सोमवार को दिन में इस मामले में अपना फैसला सुनाएगा।