Udupi Krishna Matha Temple Karnataka New Dress Code
श्रद्धालुओं के लिए बड़ी खबर! इस मंदिर में लागू हुआ ड्रेस कोड, जानें क्यों लिया गया ये फैसला
भारत में इस मंदिर में नया ड्रेस कोड लागू किया गया है. आइए जानते हैं पुरुष और महिला भक्तों के लिए पारंपरिक कपड़े के निर्देश और मंदिर प्रवेश नियमों के बारे में...
कर्नाटक के उडुपी स्थित ऐतिहासिक श्री कृष्ण मठ ने 18 जनवरी से नए ड्रेस कोड को लागू किया है. इसके तहत, पुरुष भक्तों को मंदिर में प्रवेश करने से पहले अपनी शर्ट उतारनी होगी, जबकि महिलाओं के लिए शालीन और पारंपरिक कपड़े पहनना अनिवार्य है. पहले यह शर्त केवल सुबह 11 बजे से पहले होने वाली महापूजा तक ही सीमित थी, लेकिन अब यह नियम पूरे दिन लागू रहेगा. मंदिर प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जींस, टी-शर्ट, बिना आस्तीन के कपड़े, या अन्य गैर-पारंपरिक कपड़े पहनने वाले भक्तों को प्रवेश नहीं मिलेगा.
ड्रेस कोड का पालन क्यों जरूरी है?
मंदिर अधिकारियों का कहना है कि इस निर्णय का उद्देश्य मठ की पवित्रता और सदियों पुरानी परंपराओं को बनाए रखना है. शिरूर मठ के अधिकारी डॉ. उदयकुमार सरलाट्टय ने बताया कि मंदिर में अनुशासन बनाए रखना और भक्तों को सही दिशा में मार्गदर्शन देना इस कदम का मुख्य कारण है. पुरुष भक्त अपनी शर्ट उतारने के बाद शॉल पहन सकते हैं ताकि पूजा और अन्य धार्मिक रस्मों के दौरान आरामदायक और सम्मानजनक ढंग से भाग ले सकें. महिलाओं के लिए पारंपरिक और शालीन कपड़े पहनना सुनिश्चित करता है कि मंदिर का वातावरण शांत और पवित्र बना रहे.
कौन-कौन से कपड़े वर्जित हैं
नए नियमों के अनुसार, पुरुष और महिलाएं अब बरमूडा शॉर्ट्स, स्कर्ट, जींस, टी-शर्ट और अन्य आधुनिक गैर-पारंपरिक कपड़े पहनकर मंदिर में प्रवेश नहीं कर सकते. मंदिर के मुख्य गेट ‘महाद्वार’ पर प्रवेश से पहले ड्रेस कोड की जांच की जाएगी. भक्तों से अनुरोध किया गया है कि वे प्रशासन का सहयोग करें और मंदिर में आने से पहले निर्धारित नियमों का पालन करें. अधिकारियों ने यह भी कहा कि यह कदम न केवल परंपरा का सम्मान है, बल्कि सभी भक्तों के लिए सुविधाजनक और सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने के लिए भी जरूरी है.
प्रशासन ने भक्तों को सलाह भी दी
मठ प्रशासन ने भक्तों से आग्रह किया है कि वे इस नए ड्रेस कोड का पालन करें ताकि पूजा में व्यवधान न आए और मंदिर का माहौल पवित्र बना रहे. सुबह से रात तक चलने वाली विभिन्न पूजा और रस्मों के दौरान यह नियम सभी समय लागू रहेगा. डॉ. उदयकुमार सरलाट्टय ने कहा कि यह नियम भक्तों की सुविधा और मंदिर की पवित्रता को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है. अब से भक्तों को मंदिर में प्रवेश करने से पहले अपने कपड़ों की तैयारी करनी होगी और नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा.
ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें India Hindi की और अन्य ताजा-तरीन खबरें
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts Cookies Policy.