लंदन. भारतीय वैज्ञानिक डॉ. जगदीश चंद्र बोस (Dr. Jagdish Chandra Bose) ब्रिटेन के 50 पौंड के नए नोट पर छप सकते हैं. बैंक ऑफ इंगलैंड द्वारा 2020 से छपने वाले इन नए नोटों पर किसी वैज्ञानिक की तस्वीर लगाने की योजना है. बोस उन सैकड़ों वैज्ञानिकों में से एक हैं जिन्हें इसके लिए नामांकित किया गया है. ब्रिटिश राज के दौरान 1858 में भारत में जन्मे बोस को पौधों में जीवन साबित करने का श्रेय हासिल है. बोस संभावित वैज्ञानिकों की सूची में हाल ही में दिवंगत हुए महान वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिंग्स के साथ नामित हुए हैं. इस सूची में ब्रिटेन की पूर्व प्रधानमंत्री मार्गरेट थैचर भी शामिल हैं. थैचर प्रधानमंत्री बनने से पहले एक रसायनशास्त्री रह चुकी हैं. बैंक की संभावित सूची में कंप्यूटर वैज्ञानिक एलन ट्यूरिंग, एडा लवलेस, टेलीफोन के अविष्कारक ग्राहम बेल, खगोलशास्त्री पैट्रिक मूर, पेनिसिलिन के अविष्कारक अलेक्जैंडर फ्लेमिंग आदि भी शामिल हैं.

30 नवंबर 1858 को ब्रिटिश भारत के बंगाल में जन्मे डॉ. जगदीश चंद्र बोस को न सिर्फ वनस्पति विज्ञान के वैज्ञानिक के रूप में याद किया जाता है, बल्कि उनकी ख्याति भौतिकी, जीवविज्ञान और पुरातत्व विषयों के ज्ञाता के तौर पर भी रही है. रेडियो और माइक्रो-वेव्स पर काम करने वाले दुनिया के सबसे पहले वैज्ञानिक के रूप में डॉ. बोस ने तत्कालीन कलकत्ता (अब कोलकाता) के मशहूर सेंट जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएशन करने के बाद लंदन यूनिवर्सिटी से मेडिकल की पढ़ाई की थी. वहां से आने के बाद वे प्रेसिडेंसी कॉलेज में शिक्षक हो गए. विज्ञान के क्षेत्र में डॉ. जगदीश चंद्र बोस की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक है, उनके द्वारा किया गया वह शोध जिसमें उन्होंने कहा था कि पेड़-पौधों में भी जान होती है. इसे साबित करने के लिए उन्होंने वनस्पति के टिश्यू (उत्तकों) पर सूक्ष्म तरंगों के असर को दिखाया था. डॉ. बोस ने ही हमें सबसे पहले बताया था कि पौधों में भी संवेदना होती है और वे भी इंसानों की तरह ही दर्द महसूस कर सकते हैं.

विज्ञान के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियों के लिए वर्ष 1917 में डॉ. बोस को ब्रिटिश सरकार के प्रतिष्ठित सम्मान ‘नाइट’ की उपाधि दी गई. इसके बाद से दुनिया में उन्हें डॉ. सर जगदीश चंद्र बोस के रूप में जाना जाने लगा. इस उपलब्धि के बाद भारत में आचार्य जेसी बोस के नाम से जाने गए डॉ. बोस को ब्रिटेन के मशहूर रॉयल सोसायटी ऑफ लंदन के फेलो के रूप में चुन लिया गया.

(इनपुट – एजेंसी)