नई दिल्ली: मंदिर आंदोलन में सक्रिय रहीं बीजेपी की वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुये कहा है कि मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त करने वाले इस फैसले से स्पष्ट है कि राम जन्मभूमि आंदोलन में पार्टी के शीर्ष नेता लालकृष्ण आडवाणी की भूमिका सराहनीय थी.

उमा ने कहा, कोर्ट ने एक निष्‍पक्ष किंतु दिव्‍य निर्णय दिया है. मैं आडवाणी के घर में उनको माथा टेकने आई हूं, आडवानी जी ही वह व्‍यक्‍ति थे, जिन्‍होंने छद्म धर्म निरपेक्ष को चेलेंज किया था. उनकी बदौलत आज हम याह तक पहुंचे हैं.

उमा भारती ने अदालत के फैसले पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा, ”देश के नागरिक के नाते मैं भी इस निर्णय का अभिनंदन कर रही हूं. सभी समुदाय के लोगों ने स्वागत किया है, हम भी उसके सुर में सुर मिलाएंगे.’’

पूर्व केंद्रीय मंत्री कहा कि फैसला सुनाए जाने के बाद उन्होंने आडवाणी से मिलकर आशीर्वाद लिया. उन्होंने आंदोलन के नेता विश्व हिंदू परिषद के पूर्व अध्यक्ष अशोक सिंघल की भी सराहना की. उन्‍होंने कहा कि मंदिर निर्माण के प्रति आडवाणी का समर्पण भाजपा की सफलता के मूल में है और इसने पार्टी की सत्ता में वापसी सुनश्चित की है.

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ ने शनिवार को सर्वसम्मति से अपने फैसले में अयोध्या में विवादित स्थल पर राम मंदिर निर्माण की राहें खोल दीं और उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी में एक प्रमुख जगह पर नई मस्जिद के निर्माण के लिए इसके एवज में पांच एकड़ वैकल्पिक जमीन सुन्नी वक्फ बोर्ड को आवंटित करने का केंद्र को निर्देश दिया.