नई दिल्‍ली: हरियाणा में बहुमत से दूर बीजेपी शुक्रवार को जहां राज्‍य में अपनी सरकार बनाने की कवायद में भारी मशक्‍कत करती दिखी तो वहीं, राष्‍ट्रीय उपाध्‍यक्ष उमा भारती ने पार्टी नेतृत्‍व के सामने एक विवादित निर्दलीय विधायक से समर्थन लेने के मामले में नैतिक जिम्‍मेदारी का सवाल खड़ा कर दिया है. बीजेपी नेता उमा भारती इस समय हिमायल में गंगा यात्रा पर हैं. उन्‍होंने कांडा को लेकर पार्टी को ट्वीट करते हुए लिखा है कि मुझ कुछ कहना है.

उमा ने ट्वीट करते हुए कहा कि मुझे जानकारी मिली है कि गोपाल कांडा नाम के एक निर्दलीय विधायक का समर्थन भी हमें मिल सकता है. इसी पर मुझे कुछ कहना है. अगर गोपाल कांडा वही व्यक्ति है, जिसकी वजह से एक लड़की ने आत्महत्या की थी तथा उसकी मां ने भी न्याय नहीं मिलने पर आत्महत्या कर ली थी, मामला अभी कोर्ट में विचाराधीन है, तथा यह व्यक्ति ज़मानत पर बाहर है.

गोपाल कांडा बेक़सूर है या अपराधी, यह तो क़ानून साक्ष्यों के आधार पर तय करेगा, किंतु उसका चुनाव जीतना उसे अपराधों से बरी नहीं करता. चुनाव जीतने के बहुत सारे फैक्टर होते हैं.

पूर्व केंद्रीय मंत्री व बीजेपी नेता ने ट्वीट किया, मैं बीजेपी से अनुरोध करूंगी कि हम अपने नैतिक अधिष्ठान को न भूलें. हमारे पास तो नरेंद्र मोदी जी जैसी शक्ति मौजूद है, एवं देश क्या पूरे दुनिया की जनता मोदी जी के साथ है तथा मोदी जी ने सतोगुणी ऊर्जा के आधार पर राष्ट्रवाद की शक्ति खड़ी की है.

जब तक मोदी जी की लहर नहीं आई थी, हम हरियाणा में दो विधानसभा सीटें जीतने पर भी खुश हो जाते थे. इसलिए हरियाणा में पहले चुनाव में सरकार बना लेना और दूसरे चुनाव में भी सबसे बड़ी पार्टी बनकर आना असाधारण उपलब्धि है. यह सब नरेंद्र मोदी जी के तपस्या का परिणाम है.

उमा ने अगले ट्वीट में लिखा है, हरियाणा में हमारी सरकार ज़रूर बने, लेकिन यह तय करिए कि जैसे बीजेपी के कार्यकर्ता साफ़-सुथरे ज़िंदगी के होते हैं, हमारे साथ वैसे ही लोग हों.

उमा ने लिखा है कि मैं अभी अपने गंगा प्रवास पर हिमालय में गंगा के किनारे हूं. यहां टीवी नहीं है, मैं मोबाइल पर सारी ख़बरें ले रही हूं, मुझे जानकारी मिली है कि हम हरियाणा में भी सरकार बना सकते हैं. यह एक अच्छी ख़बर है.