संयुक्त राष्ट्र भारत में मानसून के कारण हो रही भारी बारिश की वजह से सर्वाधिक प्रभावित और वंचित समुदायों को मानवीय सहायता मुहैया कराएगा. Also Read - कोविड-19 महामारी के बीच डिजिटल तौर पर संरा महासभा के ऐतिहासिक 75वें सत्र की शुरुआत

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने कहा, ‘‘ऐसा बताया जा रहा है कि भारत में मानसून ने 770 से अधिक लोगों की जान ले ली है. प्राधिकारियों के अनुसार, पांच लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है. संयुक्त राष्ट्र भारत में सबसे वंचित और प्रभावित समुदायों को मानवीय सहायता पहुंचाने के लिए तैयार है.’’ Also Read - विदेशी आतंकवादियों पर मुकदमा चलाने में विफल हुआ संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद

दुजारिक ने एशिया में बाढ़ की स्थिति के बारे में कहा कि बांग्लादेश में पिछले कुछ वर्षों का सबसे भयंकर एवं सबसे लंबा मानसून आया है और एक चौथाई देश बाढ़ से जूझ रहा है. Also Read - कोरोना महामारी से किसानों के लिए मुश्किल वक्‍त, दुनियाभर में बढ़ेगी भुखमरी: UN

उन्होंने कहा कि कम से कम 54 लाख लोग भीषण बाढ़ से प्रभावित हुए हैं, 11,000 परिवार विस्थापित हो गए हैं और 135 लोगों की मौत हो गई है.

प्रवक्ता ने बताया कि संयुक्त राष्ट्र सहयोगी भोजन, आश्रय, साफ जल, स्वच्छता संबंधी एवं अन्य आपूर्ति उपलब्ध कराने में सहायता कर रहे है.