सर्वोच्च न्यायालय ने बुधवार को कहा कि 25 अगस्त को जन्माष्टमी के मौके पर मानव पिरामिड बनाने में 18 साल से कम आयु वालों को भाग लेने की अनुमति नहीं होगी।Also Read - Janmashtami पर सीएम योगी का बड़ा फैसला- मथुरा समेत इन 7 स्थानों पर नहीं बिकेगी शराब, मांस की बिक्री भी बैन

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न्यायमूर्ति अनिल आर. दवे की अध्यक्षता वाली सर्वोच्च न्यायालय की खंडपीठ ने कहा कि मानव पिरामिड की ऊंचाई 20 फीट से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। यह भी पढ़े: मुंबई में दही हांडी उत्सव के रंग में पड़ा भंग, 1 की मौत, 35 घायल Also Read - Janmashtami 2021: जन्माष्टमी के दिन रात के 12 बजे इस तरह कराएं कान्हा को स्नान, इन बातों का रखें ख्याल

खंडपीठ ने यह आदेश देते हुए बंबई उच्च न्यायालय के साल 2014 में पारित किए गए दो निर्देशों पर सहमति जताई। यह भी पढ़े: जानिए जन्माष्टमी पर अमिताभ ने क्यों नहीं दी बधाई ?

न्यायालय ने यह फैसला महाराष्ट्र सरकार के इस मामले पर दिए गए आवेदन पर स्पष्टीकरण देते हुए दिया। यह भी पढ़े: भगवत गीता से भगवान श्रीकृष्ण के अनमोल जीवन वचन