नई दिल्ली. क्या चीन भारत की जासूसी कर रहा है? माजा पोस्ट पर हवा में एक चमकदार यंत्र खुफिया एजेंसियों को दिखाई दिया है. इस घटना ने जासूसी की संभावना को प्रबल कर दिया है. सुरक्षा एजेंसियों ने केंद्र को भेजे नोट में लिखा है कि एक अनआइडेंटिफाइड फ्लाइंग ऑब्जेक्ट चीन से सटे माजा पोस्ट पर दिखाई दिया है. ये फ्लाइंग ऑब्जेक्ट लगातार ब्लिंक भी कर रहा था. हालांकि धुंध की वजह से ये साफ साफ दिखाई नहीं दिया लेकिन सीमा के 5 किलोमीटर अंदर इसकी मौजूदगी ने सभी को हैरत में डाल दिया है. 

पाक और चीन बॉर्डर पर पहरेदारी की तैयारी, 15 नई बटालियन गठित करेगी सरकार

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जनवरी के पहले हफ्ते में भी एक ऐसी ही खबर सामने आई थी. सरकारी सूत्रों ने कहा था कि चीन का सड़क निर्माण दल अरुणाचल प्रदेश के तूतिंग क्षेत्र में भारतीय क्षेत्र में करीब एक किलोमीटर अंदर तक आ गया था, लेकिन भारतीय सैनिकों द्वारा विरोध करने पर वे लौट गये. सूत्रों ने बताया कि असैन्य दल मार्ग गतिविधियों के लिए आए थे लेकिन भारतीय सैनिकों द्वारा विरोध किये जाने पर वे खुदाई करने वाले उपकरण सहित सड़क बनाने में काम आने वाले कई उपकरण छोड़कर लौट गये. अरुणाचल प्रदेश के स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक चीनी दल में सैनिकों के साथ असैन्य लोग भी थे. Also Read - चीन और पाकिस्तान से लगते बॉर्डर पर एयरफोर्स का सबसे बड़ा युद्धाभ्यास

यह घटना 28 दिसंबर की है . करीब चार महीने पहले सिक्किम सेक्टर में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच डोकलाम गतिरोध खत्म हुआ था. सूत्रों ने बताया कि 28 दिसंबर को तूतिंग क्षेत्र में भारतीय सीमा प्रहरियों ने भारतीय क्षेत्र में एक किलोमीटर अंदर कुछ चीनियों को सड़क बनाने से जुड़ा काम करते देखा. उन्होंने बताया कि दोनों पक्षों के बीच कोई टकराव नहीं हुआ और इस मुद्दे को स्थापित प्रणाली के माध्यम से सुलझाया जा रहा है. 

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चीन की तरफ से बढ़ते खतरे को देखते हुए सरकार पाकिस्तान, बलूचिस्तान और चीन से लगे सामरिक महत्व के सीमांतों पर सुरक्षा मजबूत करने के लिए बीएसएफ और आईटीबीपी में 15 नई बटालियन गठित करने की योजना बना रही है. केंद्रीय गृह मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) में छह बटालियन और भारत- तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) बल में नौ बटालियन गठित करने पर सक्रियता से विचार कर रही है.

इन बलों के प्रत्येक बटालियन में करीब 1000 ऑपरेशनल जवान और अधिकारी होते हैं. बीएसएफ में मौजूद सूत्रों ने बताया कि बल की योजना नयी इकाई को मंजूरी देकर मानव बल को बढ़ाने की है, ताकि उन्हें बांग्लादेश से लगी देश की सीमा पर असम और पश्चिम बंगाल में तैनात किया जा सके.