नई दिल्ली. केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने अंतरिम बजट 2019 में देश के हर नागरिक के लिए ऐतिहासिक ऐलान किया है. जहां किसानों के खाते में सीधा 6 हजार सलाना की व्यवस्था की गई है तो आयकर छूट की सीमा 2.5 लाख से 5 लाख करके मिडिल क्लास नौकरी पेशा वालों को बड़ी राहत दी है. इससे तीन करोड़ टैक्स पेयर को 18500 रुपये का लाभ मिलेगा. वहीं, वेतनभोगी तबके के लिए मानक कटौती को 40,000 से बढ़ाकर 50,000 रुपये किया गया.

किसानों को क्या मिला
पीयूष गोयल ने ऐलान किया कि किसानों को हर साल 6 हजार रुपये सीधे खाते में भेजा जाएगा. हर 4 महीने बाद 2-2 रुपये अकाउंट में आएंगे. इससे 12 करोड़ किसानों को फायदा होगा. इसके साथ ही सभी किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड दिया जाएगा. पशुपालन के लिए किसानों को कर्ज पर 2 प्रतिशत ब्याज सहायता दी जाएगी. इसके साथ ही प्रधानमंत्री किसान योजना के लिए 75,000 करोड़ रुपये आवंटित किया गया. प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के लिए 2019-20 के बजट में 19,000 करोड़ रुपये का आवंटन. गायों के आनुवांशिकी को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय कामधेनू आयोग बनाया जाएगा. कल्याणकारी कार्यक्रमों को चलाने के लिए कल्याण किसान बोर्ड की स्थापना की जाएगी. प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों के लिए दो प्रतिशत की ब्याज सहायता की घोषणा की, जबकि समय पर ऋण भुगतान के लिए उन्हें तीन प्रतिशत अधिक सहायता की पेशकश की गई है।

टैक्स में बड़ी छूट
पांच लाख रुपये तक की व्यक्तिगत आय पूरी तरह से कर मुक्त होगी. इसके साथ ही विभिन्न निवेश उपायों के साथ 6.50 लाख रुपये तक की व्यक्तिगत आय पर कोई कर नहीं देना होगा. इस ऐलान से पहले टैक्स स्लैब में 2.5 लाख रुपये तक सालाना कमाई पर कोई टैक्स नहीं लगता था. इसके बाद 2.5 से 5 लाख रुपये की आय पर 5 फीसद की दर से टैक्स लगता था. व्यक्तिगत कर छूट का दायरा बढ़ने से तीन करोड़ करदाताओं को 18,500 करोड़ रुपये तक का कर लाभ मिलेगा. कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआई) नियम के तहत पात्रता 15,000 से बढ़ाकर 21000 रुपये प्रतिमाह वेतन की गई. एनपीएस, चिकित्सा बीमा और आवास ऋण के ब्याज भुगतान को जोड़ने पर यह सीमा और बढ़ जाएगी. बैंकों और डाकघर की बचत योजनाओं पर मिलने वाले सालाना 40,000 रुपये तक के ब्याज को स्रोत पर कर की कटौती (टीडीएस) से छूट दे दी है. अभी छूट 10,000 रुपये तक के ब्याज पर थी.

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मोबाइल यूजर को फायदा
मोबाइल डाटा उपयोग में भारत के अग्रणी स्थान पर पहुंच जाने का दावा करते हुए वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने आज कहा कि देश में मोबाइल डाटा का उपयोग 50 प्रतिशत बढ़ा है. उन्होंने यह भी कहा कि भारत में डाटा एवं वायस काल की लागत विश्व में संभवत सबसे कम है. अगले पांच वर्ष में देश में एक लाख् ‘‘मोबाइल ग्रामों’’ की स्थापना की जाएगी. उन्होंने कहा कि मोबाइल एवं मोबाइल कलपुजेर् निर्माता कंपनियों की संख्या दो से बढ़कर 268 हो गई है.

आयकर विभाग ऑनलाइन
आयकर विभाग को ऑनलाइन किया गया. सरकार का प्रयास है कि इससे आयकरदाता/अधिकारी का आमना-सामना नहीं होगा. अप्रत्यक्ष कर संग्रह 2013-14 के 6.38 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर इस साल 12 लाख करोड़ रुपये हुआ. पिछले वर्ष जितने भी आयकर रिटर्न दाखिल हुए उनमें 99.54 प्रतिशत रिटर्न फाइल करते ही बिना जांच के स्वीकृत किए गए.

मजदूरों/श्रमिकों को क्या मिला
मोदी सरकार ने असंगठित क्षेत्र मे काम करने वालों कामगारों के लिए श्रम योगी मानधन योजना के अंतर्गत पेंशन स्कीम की शुरुआत करने का फैसला लिया है. इसमें 100 रुपये प्रति महीने के योगदान से 60 साल से ऊपर सभी कामगारों को 3000 रुपये प्रतिमहीने पेंशन देने की घोषणा की गई है. इसके साथ ही मनरेगा के लिए 2019-20 में 60,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं. सरकार ने श्रमिक की मौत पर 2.5 लाख रुपये की बजाय अब 6 लाख रुपये मुआवजा देने का ऐलान किया. इसके अलावा ग्रेच्युटी की सीमा को 10 लाख से बढ़ाकर सरकार ने 20 लाख कर दिया.

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महिलाओं को क्या मिला
उज्जवला योजना के तहत 8 करोड़ एलपीजी कनेक्शन बांटने का का लक्ष्य रखा गया है. इसमें 6 करोड़ कनेक्शन दिए जा चुके हैं. गर्भवती महिलाओं के लिए मातृवंदना योजना लागू की गई है. आंगनवाड़ी आशा कार्यकर्ताओं का मानदेय 50 प्रतिशत बढ़ाया गया. एकीकृत बाल विकास योजना के लिए 27,584 रुपये. केंद्र द्वारा वित्तपोषित योजनाओं के लिए 3,27,679 करोड़ रुपये आवंटित. सरकारी उद्यमों की कुल खरीद में छोटे उद्यमों से आपूर्ति को बढ़ाकर 25 प्रतिशत किया गया। इसमें भी तीन प्रतिशत आपूर्ति महिला उद्यमियों के उद्यम से करने का नियम बनाया. महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए 26 सप्ताह का मातृत्व अवकाश मुहैया कराने और प्रधानमंत्री मातृत्व योजना समेत कई कदम उठाए हैं।

कालाधन पर वार
कालाधन रोधी उपायों के चलते 3.38 लाख मुखौटा कंपनियों का पंजीकरण समाप्त किया गया. बेनामी कानून के तहत 6,900 करोड़ रुपये की घरेलू संपत्ति जब्त की गई जबकि 1,600 करोड़ रुपये की विदेशी संपत्ति जब्त की गई. सरकार के कालाधन रोधी उपायों और कदमों से 1,30,000 करोड़ रुपये की काला धन पकड़ा गया. नोटबंदी के बाद एक करोड़ से अधिक लोगों ने पहली बार रिटर्न भरा और कर आधार बढ़ा. चालू वित्त वर्ष के दौरान औसत मासिक जीएसटी संग्रह 97,100 करोड़ रुपये रहा जबकि 2017-18 में यह 89,700 करोड़ रुपये पर थी. जनवरी 2019 में जीएसटी संग्रह एक लाख तीन हजार करोड़ रुपये के आसपास रहने का अनुमान.

सेना
डिफेंस सेक्‍टर के लिए 3 लाख करोड़ रुपये के बजट का आवंटन किया गया है. पहली बार है जब डिफेंस सेक्‍टर के लिए आवंटन 3 लाख करोड़ रुपये है. हालांकि 2018 के बजट से तुलना करें तो डिफेंस सेक्‍टर के बजट में मामूली बढ़त है.
राष्ट्रीय शिक्षा योजना के लिए आवंटन 32,334 करोड़ रुपये से बढ़कर 38,570 करोड़ रुपये किया गया.

रेलवे/परिवहन
रेलवे की योजनाओं के लिए 2019-20 में आम बजट से 64,587 करोड़ रुपये आवंटित. वर्ष के दौरान रेलवे का कुल पूंजीगत खर्च 1,58,658 करोड़ रुपये होगा. मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम पहली बार देश के रेलवे मानचित्र पर आए. बड़ी लाइन के रेल नेटवर्क पर सभी मानवरहित फाटक समाप्त हुए. सिक्किम हवाई अड्डा खुलने के बाद 100 से अधिक ऑपरेशनल हवाई अड्डे हो गए. घरेलू हवाई यात्रियों की संख्या 5 साल में दोगुनी हो गई. परिवहन क्षेत्र की क्रांति में ई-वाहनों के जरिए भारत करेगा विश्व का नेतृत्व. घटेगा प्रदूषण, देश की कच्चे तेल पर निर्भरता कम होगी और वह आत्मनिर्भर बनेगा.

मुद्रा योजना में महिलाओं को लाभ
सरकार ने मुद्रा योजना के तहत 7.23 लाख करोड़ रुपए के 15.56 लाख कर्ज मंजूर किए हैं और इनका लाभ पाने वालों में बड़ा हिस्सा महिलाओं का है. गोयल ने लोकसभा में वित्त वर्ष 2019-20 के लिए बजट पेश करते हुए कहा कि मुद्रा योजना लाभार्थियों में 70 प्रतिशत से अधिक महिलाएं हैं. उन्होंने बताया कि मुद्रा योजना के तहत सरकार ने 7.23 लाख करोड़ रुपए के 15.56 लाख ऋण को मंजूरी दी.

ग्रैच्युटी
ग्रैच्युटी की सीमा को 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 30 लाख रुपये करने की घोषणा की गई. श्रम योगी मानधन (पीएमएसवाईएम) की घोषणा करते हुए कहा कि इससे असंगठित क्षेत्र के 10 करोड़ कर्मचारियों को फायदा होगा. गोयल ने कहा, ‘‘यह संभवत: पांच साल में असंगठित क्षेत्र के लिए दुनिया की सबसे बड़ी पेंशन योजना बन जाएगी. उन्होंने कहा कि असंगठित क्षेत्र के 42 करोड़ कर्मचारी देश के 50 प्रतिशत सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में योगदान देते हैं.