नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ‘साझा पात्रता परीक्षा’ (Common Eligibility Test) आयोजित करने के लिये राष्ट्रीय भर्ती एजेंसी (National Recruitment Agency) के गठन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. अब सरकारी नौकरियों के लिए अलग-अलग एजेंसियों की बजाय एक ही एजेंसी परीक्षा कराएगी. देश में इस समय करीब 20 एजेंसी हैं जो परीक्षाएं कराती हैं. Also Read - आज संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करेंगे प्रधानमंत्री मोदी, आतंकवाद सहित इन मुद्दों पर रहेगा फोकस

केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में यह निर्णय किया गया. बैठक के बाद सूचना एव प्रसारण मंत्री जावड़ेकर ने संवाददाताओं को बताया ‘‘युवाओं को फिलहाल नौकरी के लिये कई अलग अलग परीक्षाएं देनी पड़ती हैं. ऐसी परीक्षाओं के लिये अभी लगभग 20 भर्ती एजेंसियां हैं और परीक्षा देने के लिए अभ्यर्थियों को दूसरे स्थानों पर भी जाना पड़ता है.’’ उन्होंने कहा कि इस संबंध में परेशानियां दूर करने की मांग काफी समय से की जा रही थी. Also Read - Time 100 most influential list: आयुष्मान के पिता बोले- उसकी जीत पर मेरी आंखों में आंसू होते हैं

मंत्रिमंडल ने साझा पात्रता परीक्षा लेने के लिये ‘राष्ट्रीय भर्ती एजेंसी’ के गठन का निर्णय किया है. एक अधिकारी ने बताया कि शुरू में इसके दायरे में रेलवे भर्ती परीक्षा (Railway Jobs), बैंकों की भर्ती परीक्षा (Bank Jobs) और कर्मचारी चयन आयोग (SSC) आयेंगे. उन्होंने बताया कि इस परीक्षा में हासिल स्कोर तीन साल तक मान्य होंगे. परीक्षा आयोजित करने के लिये हर जिले में कम से कम एक परीक्षा केंद्र स्थापित किया जायेगा. केंद्रीय मंत्री जितेन्द्र सिंह ने इस निर्णय को ऐतिहासिक बताया और कहा कि प्रारंभ में तीन एजेंसियों की परीक्षाएं राष्ट्रीय भर्ती एजेंसी के दायरे में आयेंगी. Also Read - पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद यादव की हालत स्थिर, सेहत में लगातार हो रहा सुधार