Union Cabinet Expansion 2021: पीएम मोदी के मंत्रिमंडल में होनेवाली फेरबदल की अटकलों के बीच आज केंद्रीय मंत्रिमंडल और आर्थिक मामलों पर बनी मंत्रिमंडलीय समिति की बैठक होने वाली है. बुधवार को होनेवाली इस बैठक पर निगाहें टिकी हुई हैं. सूत्रों के मुताबिक भाजपा और एनडीए के सहयोगी दलों से कुछ महत्वपूर्ण नेता पीएम मोदी के मंत्रिमंडल में शामिल किए जा सकते हैं. बता दें कि शिवसेना और शिरोमणि अकाली दल के एनडीए गठबंधन से बाहर होने और लोक जनशक्ति पार्टी के संस्थापक रहे रामविलास पासवान की मौत के बाद मंत्रिमंडल में कुछ अहम पद खाली हैं. इन पदों के लिए अब नए चेहरे मंत्रिमंडल में शामिल किए जा सकते हैं.Also Read - प्रधानमंत्री मोदी के साथ बैठक के बाद ‘आगे कोई नतीजा’ नहीं निकला: फारुख अब्दुल्ला

बता दें कि मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में पहले मंत्रिमंडल विस्तार की तैयारी जोरशोर से चल रही है और प्रधानमंत्री मोदी खुद अलग-अलग मंत्रियों को समूह में बुला कर उनके मंत्रालयों के कामकाज की समीक्षा कर रहे हैं. इन बैठकों में गृहमंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा भी मौजूद रहे हैं. वहीं मोदी मंत्रिमंडल में कौन-कौन से नए चेहरे शामिल किए जाएंगे, अबतक ये फैसला नहीं हुआ है. Also Read - Man Ki Baat: मन की बात में बोले पीएम मोदी-पर्व और त्योहार मनाते समय याद रखें, कोरोना अभी गया नहीं है

पीएम मोदी ने की हैं कई अहम बैठकें, मंत्रियों के कामकाज का लिया जायजा Also Read - UP में 9 नए सरकारी मेडिकल कॉलेज बनकर तैयार, अगले 6 माह में सभी 75 जिलों में होंगे: CM योगी

मंत्रिमंडल विस्तार के कयास के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को भी मंत्रिमंडल के सहयोगियों और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ बैठक की. प्रधानमंत्री आवास पर हुई बैठक में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी भी मौजूद रहे. हाल की लगभग सभी बैठकों में भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा भी मौजूद रहे थे. जानकारों का मानना है कि यह केंद्रीय कैबिनेट में विस्तार और फेरबदल के पहले की कवायद हो सकती है.

सूत्रों के मुताबिक, पीएम आवास पर मंत्रियों के कामकाज की समीक्षा पिछले गुरुवार से शुरू हुई है और अब तक तीन समूहों से उनके कामकाज का जायजा लिया जा चुका है. पीएम ने कृषि, ग्रामीण विकास, पशु पालन एवं  मत्स्य पालन, आदिवासी मामले, शहरी विकास, संस्कृति, सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन, नागरिक उड्डयन, रेलवे, भोजन और उपभोक्ता मामले, जल शक्ति, पेट्रोलियम, स्टील और पर्यावरण मंत्रालयों के मंत्रियों को भी बैठक के लिए बुलाया था.

कैबिनेट मंत्रियों पर है काम का अतिरिक्त बोझ
मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में मंत्रिमंडल विस्तार की प्रतीक्षा लंबे समय से की जा रही है. एनडीए सरकार के दूसरे कार्यकाल में पूर्व सहयोगियों शिवसेना और अकाली दल के कोटे के मंत्रियों के इस्तीफे, दो मंत्रियों की असामयिक मौत के कारण कैबिनेट के कई मंत्रियों पर काम का बोझ बहुत ज्यादा है. कई मंत्री तीन से चार विभागों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं.