नई दिल्ली. केंद्रीय मंत्रिमंडल ने एक बार में तीन तलाक (तलाक ए बिद्दत) को दंडनीय अपराध बनाने संबंधी अध्यादेश को मंजूरी दे दी है. कानून मंत्रालय के सूत्रों ने बुधवार को यह जानकारी दी. ‘मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) विधेयक’ को लोकसभा की मंजूरी मिल चुकी है लेकिन यह राज्यसभा में लंबित है. वहां पर सरकार के पास पर्याप्त संख्या बल नहीं है.

उच्चतम न्यायालय ने पिछले वर्ष इस प्रथा पर रोक लगा दी थी. यह प्रथा अब भी जारी है इसलिए इसे दंडनीय अपराध बनाने की खातिर विधेयक लाया गया है.

कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, मोदी सरकार इस मुद्दे को महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए नहीं उठा रही है. बल्कि उसका उद्देश्य इस पर राजनीति करना और इसे राजनीति मुद्दा बनाना है.