नई दिल्ली: ई-सिगरेट और ई-हुक्का पीने वालों के लिए बुरी खबर है. केंद्र सरकार ने ई-सिगरेट, ई-हुक्का (E-Cigarettes, E-Hukka) पर प्रतिबंध लगा दिया है. पहली बार पीते हुए पकड़े जाने या बरामद होने पर एक साल की जेल या एक लाख रुपए का जुर्माना होगा. इसके बाद भी ई-सिगरेट और ई-हुक्का दोनों बरामद होने पर तीन साल की जेल या फिर पांच लाख का बड़ा जुर्माना वसूला जाएगा. केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इस पर मुहर भी लगा दी है.

रेलवे कर्मियों के लिए खुशखबरी: मोदी सरकार देगी 78 दिन का बोनस, 11 लाख से अधिक लोगों को होगा फायदा

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि इस प्रस्ताव पर मुहर लग गई है. इसका मतलब ये है कि ई-सिगरेट और ई-हुक्का के उत्पादन, इम्पोर्ट, एक्सपोर्ट, ट्रांसपोर्ट पर रोक होगी. इसके साथ ही इसकी बिक्री, स्टोर करने और प्रचार किए जाने पर रोक होगी. अगर ऐसा करते हुए कोई पकड़ा जाता है तो उसके लिए मुश्किल होगी.

7 लाख लोगों की हर साल जान ले लेते हैं एंटीबॉयोटिक प्रतिरोधी ‘सुपरबग’, बढ़ती जा रही चुनौती

ई-सिगरेट बेहद खतरनाक है. इसे लगातार पीने से कैंसर, अस्थमा, फेफड़ों की खराबी, हृदय रोग जैसी खतरनाक बीमारियां हो सकती हैं. ई-सिगरेट एक तरह का इलेक्ट्रॉनिक इन्हेलर है. इसमें निकोटीन और दूसरे लिक्विड भरे जाते हैं. इन लिक्विड्स में केमिकल भरा होता है. इन्हेलर बैट्री की ऊर्जा से इस लिक्विड को भाप में बदलता है. इससे पीने वाले को सिगरेट जैसा अहसास होता है.