नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने स्वास्थ्य कर्मियों से कोविड-19 का टीका लगवाने में संकोच नहीं करने का आग्रह करते हुए मंगलवार को कहा कि टीका लगवाना उनकी सामाजिक जिम्मेदारी है और प्रतिकूल प्रभाव संबंधी चिंताएं फिलहाल ‘बेबुनियाद और मामूली’ लगती हैं. नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ वीके पॉल ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि कोविशील्ड और कोवैक्सीन, दोनों टीके सुरक्षित हैं और इन्हें बनाने में बहुत कोशिशें की गयी हैं. उन्होंने कहा कि दु:ख की बात है कि स्वास्थ्य कर्मी, विशेष रूप से डॉक्टर और नर्स इसे लगवाने से मना कर रहे हैं.Also Read - अब आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु तक सीमित नहीं रहेंगे परमाणु संयंत्र, अन्य राज्यों में भी स्थापित होंगे: केंद्र

पॉल ने कहा, ‘‘अगर हम टीका नहीं लगवा रहे हैं हम अपनी सामाजिक जिम्मेदारी को पूरा नहीं कर रहे. पूरी दुनिया एक टीके के लिए शोर मचा रही है. मेरा आपसे अनुरोध है कि कृपया टीका लगवाएं.’’उन्होंने कहा, ‘‘टीके को लेकर संकोच समाप्त होना चाहिए क्योंकि कोविड-19 टीकाकरण हमें इस महामारी को समाप्त करने की दिशा में ले जा रहा है.’’पॉल ने बताया कि उन्होंने खुद कोवैक्सीन का टीका लगवाया है. Also Read - Swachh Survekshan Awards 2021: सफाई के मामले इंदौर देश में फिर नंबर 1, इन शहरों को भी मिली जगह, देखें List

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा कि हर देश में टीकों को लेकर झिझक की बात सामने आती रही है लेकिन कोविड-19 के मामले में यह संकोच थोड़ा ज्यादा है.भूषण ने कहा कि पोलियो और मीसल्स-रुबेला के टीकों के मामले में भी यह झिझक देखी गयी.पॉल ने कहा, ‘‘अच्छा संवाद, तथ्यों को समझना और इसे लगवाना आपकी अपने लिए और समाज के लिए जिम्मेदारी है.’’ Also Read - बिजली संकट: कोयला मांगने पर तेलंगाना में केंद्र का विरोध, राज्य सरकार बोली- ये हमारे साथ साजिश