नई दिल्ली: कोरोना के डेल्टा प्लस वैरिएंट (Delta Plus variant) ने भारत में दस्तक दे दी है. देश में इसके अब तक 22 मामले सामने आ चुके हैं. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि भारत ने ये वैरिएंट चिंता का विषय है. बता दें कि ये वायरस बेहद संक्रामक है. और तीसरी लहर में ये दूसरी लहर के कोरोना से अधिक तेजी से फैलने की क्षमता रखता है.Also Read - बिहार में कोरोना की तेज रफ्तार, पटना के बेउर जेल में 37 कैदी कोरोना पॉजिटिव निकले

भारत में कोरोना (Corona Virus in India) का डेल्टा प्लस वैरिएंट अब चार राज्यों में मिला है. 22 में से सबसे अधिक महाराष्ट्र में मिले, जबकि बाकी मध्य प्रदेश, केरल और दिल्ली में मिले हैं. केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा कि कोरोना वायरस का डेल्टा प्लस स्वरूप भारत के अलावा, अमेरिका, ब्रिटेन, पुर्तगाल, स्विट्जरलैंड, जापान, पोलैंड, नेपाल, चीन और रूस में मिला है. Also Read - दिल्ली के कई इलाकों में मिला ओमीक्रोन का बीए 5 वैरिएंट, इससे तेजी से फैलता है संक्रमण

भूषण ने कहा कि किसी भी स्वरूप के प्रसार और गंभीरता से यह तय होता है कि यह चिंताजनक स्वरूप है या नहीं. डेल्टा संस्करण भारत सहित दुनिया भर के 80 देशों में पाया गया है और यह चिंता की बात है. उन्होंने कहा, “भारत सहित नौ देशों में डेल्टा प्लस स्वरूप का पता चला है. भारत में डेल्टा प्लस के 22 मामले पाए गए हैं. भूषण ने कहा कि 28 प्रयोगशालाएं में 45,000 नमूनों का अनुक्रमण किया गया है. इनमें से डेल्टा प्लस स्वरूप के 22 मामले सामने आए. Also Read - यूपी में 16 करोड़ लोगों को लगी कोरोना वैक्सीन, ये आंकड़ा छूने वाला देश का पहला राज्य बना

भूषण ने कहा कि मोटे तौर पर, दोनों भारतीय टीके कोविशील्ड और कोवैक्सीन डेल्टा स्वरूप के खिलाफ प्रभावी हैं, लेकिन वे किस हद तक और किस अनुपात में एंटीबॉडी बना पाते हैं, इसकी जानकारी बहुत जल्द साझा की जाएगी. देश में महामारी की समग्र स्थिति पर नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) वीके पॉल ने कहा कि महामारी की स्थिति में लगातार सुधार हो रहा है. लेकिन उन्होंने जोर दिया कि लोगों को कोविड-19 उपयुक्त व्यवहार का पालन जारी रखना चाहिए और भीड़ तथा पार्टियों से बचना चाहिए. उन्होंने कहा कि टीकाकरण की मात्रा बढ़ानी होगी.