नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री व वरिष्ठ भाजपा नेता अमित शाह ने सोमवार को ओड़िशा जनसंवाद वर्चुअल रैली को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने पीएम मोदी के दूसरे कार्यकाल की उपलब्धियों के बारे में जनता को बताया. अमित शाह ने कहा कि ये जो संवाद परंपरा भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा जी ने चालू रखी है वो दुनिया की राजनीति को रास्ता दिखाने वाली होगी कि ऐसी महामारी के समय भी कोई पार्टी अपने देश में लोकतंत्र की जड़ों को मजबूत करने के लिए किस तरह से जनसंवाद कर सकती है. Also Read - ज्योतिरादित्य सिंधिया के निजी सहायक कोरोना संक्रमित, ग्वालियर में चल रहा इलाज

ओड़िशा जनसंवाद वर्चुअल रैली को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि भाजपा के कार्यकर्ताओं ने कोरोना संकट के समय 11 करोड़ से ज्यादा लोगों को भोजन कराया है. मैं इस काम के लिए पार्टी अध्यक्ष, उनकी टीम और सभी कार्यकर्ताओं को बधाई देता हूं. उन्होंने कहा, “2014 में नरेन्द्र मोदी जी जब प्रधानमंत्री बने तो उन्होंने कहा था कि, मेरी सरकार गरीबों, आदिवासियों, दलितों की सरकार होगी. मोदी जी जो बोलते हैं वो करते हैं. उन्होंने देश के 60 करोड़ से ज्यादा गरीबों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने के लिए ढेर सारे काम किए.” Also Read - डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर पीएम नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने दी श्रद्धांजलि, बताया- दूरदर्शी नेता

अमित शाह ने कहा कि PM मोदी ने 50 करोड़ गरीब भारतीयों के लिए आयुष्मान भारत की शुरुआत की, उन्हें स्वास्थ्य का अधिकार दिया, 5 लाख रुपये के इलाज का खर्च मोदी सरकार उठा रही है. 10 करोड़ घरों में शौचालय बनाकर माताओं-बहनों को सम्मान से जीने का अधिकार दिया, 2.5 करोड़ लोगों को जिनके पास घर नहीं था उनको मोदी सरकार ने घर देने का काम किया. Also Read - गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने DRDO के 1000 बेड्स वाले अस्पताल का किया दौरा

उन्होंने राम मंदिर का जिक्र करते हुए कहा, “श्री राम जन्मभूमि का विवाद वर्षों से चल रहा था. करोड़ों लोग राह देखते थे कि कब राम जन्मभूमि पर भव्य राम मंदिर बनेगा. मोदी सरकार को आपने दोबारा बहुमत दिया, सटीक तरीके से अपना पक्ष रखा गया और सुप्रीम कोर्ट ने राम जन्मभूमि के पक्ष में फैसला दिया.”

अमित शाह ने कहा, ”कोरोना संकट के समय करीब 3 लाख उड़िया भाई अलग अलग क्षेत्रों से वापस आए हैं. उनकी सुरक्षा और घर वापसी के लिए मोदी जी ने श्रमिक ट्रेनों चलाई. रेलवे स्टेशन से आने जाने के लिए बसों की व्यवस्था की. केन्द्र और राज्य सरकारों ने उनके खाने पीने की और आर्थिक मदद की है.”

कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, “कांग्रेस सरकार में जब मनमोहन जी प्रधानमंत्री थे तब उन्होंने RECP के निगोशिएशन की शुरुआत की थी. अगर RECP पर दस्तखत हो जाता तो इस देश का छोटा व्यापारी, उद्यमी, पशुपालक, किसान, मत्सय उद्योग ये सब अपना जीवन दुश्कर तरीके से जी पाते. परन्तु मोदी जी ने RECP की मीटिंग में कहा कि ये देश गांधी का देश है गरीब, किसान, छोटे मजदूर और मेरे मछुआरे भाइयों से दगा नहीं कर सकता उनके हित की मुझे सोचना होगा. इस तरह हम RECP से बाहर हुए और आज हर छोटे व्यापारी, उद्यमी अपने आप को बचा हुआ महसूस कर रहे हैं.”

उन्होंने कहा, ”विपक्ष के कुछ वक्रदृष्टा आज हम पर सवाल उठाते हैं तो मैं उन्हें पूछता हूं कि उन्होंने क्या किया? कोई स्वीडन में, कोई अमेरिका में लोगों से बात करता है, इसके अलावा और क्या किया आपने? मोदी जी ने कोरोना में त्वरित सहायता के लिए 1.7 लाख करोड़ रुपये जरूरतमंदों के लिए दिए हैं.”

शाह ने कहा कि ओड़िशा में अभी अम्फान चक्रवात आया तब अपनी जान को जोखिम में डालकर नरेन्द्र मोदी जी ओड़िया वासियों के साथ चट्टान की तरह खड़े दिखे. अम्फान चक्रवात में हुए नुकसान की भरपाई के लिए 500 करोड़ रुपये प्राथमिक तौर पर दिए. उन्होंने बताया कि 13वें वित्त आयोग में कांग्रेस सरकार ने 79,000 करोड़ रुपये ओड़िशा के लिए दिए थे. मोदी सरकार 2.11 लाख करोड़ रुपये 14वें वित्त आयोग के तरह ओड़िशा के विकास के लिए दिए.

खोरदा में पाइका स्मारक जो कि ओड़िशा भाइयों की स्वतंत्रता पाने की ललक की निशानी है, ओड़िसा संस्कृति का गौरव है. उसके लिए 100 करोड़ रुपये दिए गए हैं. ये बताता है कि ओड़िशा की संस्कृति और गौरव के साथ मोदी जी कितना घुल-मिल गए हैं.