नई दिल्ली: केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने मंगलवार को कहा है कि नागरिक संशोधन कानून की आड़ में उपद्रव व उन्माद फैला रहे लोग असामाजिक तत्व हैं, और उन्होंने देशभर के छात्रों से अपील की है कि वे अफवाहों के शिकार न बनें. देशभर में कई स्थानों पर छात्र, नागरिक संशोधन कानून का विरोध कर रहे हैं. इस विरोध के बीच निशंक ने एक बयान में कहा कि देश की लंबे समय की मांग के बाद नागरिकता संशोधन विधेयक पारित हुआ है. राष्ट्रीय हित के लिए बनाया गया यह कानून किसी धर्म, जाति, पंथ, क्षेत्र के विरुद्ध नहीं है.

 

उन्होंने कहा कि कुछ असामाजिक तत्व उपद्रव उन्माद फैलाकर राष्ट्रीय संपत्ति को क्षति पहुंचा रहे हैं और शांति व्यवस्था को भंग करना चाहते हैं, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है. संसद के शीतकालीन सत्र में नागरिक संशोधन विधेयक को लोकसभा व राज्यसभा की मंजूरी मिली है. इसके बाद इस विधेयक ने एक कानून की शक्ल ले लिया है. नागरिकता संशोधन कानून के अमल में आने के बाद जामिया व अलीगढ़ विश्वविद्यालय में काफी हंगामा हुआ है. अब छात्रों से शांति की अपील करते हुए निशंक ने कहा कि छात्र राष्ट्रहित में हर हाल में शांति बनाने में अपना अमूल्य सहयोग दें.


कानून किसी के खिलाफ न होकर केवल शरणार्थियों की मदद के लिए
उल्लेखनीय है कि नागरिकता संशोधन कानून के अमल में आ जाने से पाकिस्तान, अफगानिस्तान, बांग्लादेश जैसे देशों से प्रताड़ित होकर आए हिंदू, बौद्ध, ईसाई, पारसी, सिख व जैन समुदाय के शरणार्थियों को भारत में नागरिकता मिल सकेगी. यह कानून इन शरणार्थियों व भारत में जन्मे उनके बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने में मददगार है. निशंक ने कहा कि यह कानून किसी के खिलाफ न होकर केवल शरणार्थियों की मदद के लिए है.