नई दिल्ली: केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने शुक्रवार को कहा कि जेएनयू छात्रों के पांच जनवरी की हिंसा मामले में संलिप्तता को लेकर वह ‘व्यथित’ हैं जैसा कि दिल्ली पुलिस ने इंगित किया है. निशंक ने कहा कि मंत्रालय, परिसर में किसी भी तरह की हिंसा और अराजकता बर्दाश्त नहीं करेगा क्योंकि वह शैक्षणिक संस्थानों में शैक्षणिक माहौल सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है. Also Read - Delhi Police के असिस्‍टेंट सब-इंस्‍पेक्‍टर ने PCR वाहन में खुद के सीने में गोली मारी, हुई मौत

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निशंक ने कई ट्वीट करके कहा कि जेएनयू छात्रों की हिंसा में संलिप्तता को लेकर व्यथित हूं, जैसा दिल्ली पुलिस की प्रारंभिक जांच में इंगित किया गया है. यह दुर्भाग्यपूर्ण है. उन्होंने कहा कि जिन छात्रों को पंजीकरण करने से रोका गया, उन्हें और अन्य से अपील की जाती है कि वे पंजीकरण करें और शैक्षणिक गतिविधियों के सुचारू संचालन में शामिल हों. केंद्रीय मंत्री ने साथ ही छात्रों से विश्वविद्यालय में ‘गरिमापूर्ण’ माहौल बनाए रखने की भी अपील की.

हिंसा में जेएनयू छात्र संघ की अध्यक्ष आइशी घोष शामिल
दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को कहा कि हिंसा में नौ संदिग्ध शामिल थे और दावा किया कि जेएनयू छात्र संघ की अध्यक्ष आइशी घोष उनमें से एक हैं. पुलिस ने कहा कि नौ में से सात वामपंथी छात्र संगठनों से जुड़े हैं जबकि दो दक्षिणपंथी छात्र संगठन से जुड़े हैं. हिंसा मामले की जांच कर रहे डीसीपी (अपराध शाखा) जॉय टिर्की ने कहा कि अधिकांश छात्र शीतकालीन सेमेस्टर के लिए एक से पांच जनवरी तक पंजीकरण कराना चाहते थे लेकिन वामपंथी छात्र संगठन उन्हें ऐसा नहीं करने दे रहे थे.