नई दिल्‍ली: केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान का आज गुरुवार को निधन हो गया. उनके बेटे और एलजेपी अध्‍यक्ष चिराग पासवान ने ट्वीट कर कहा, – पापा….अब आप इस दुनिया में नहीं हैं लेकिन मुझे पता है आप जहां भी हैं हमेशा मेरे साथ हैं. Miss you Papa… Also Read - Bihar Assembly Election 2020: अमित शाह ने फिर कहा- बिहार में नीतीश के नेतृत्व में ही हो रहा चुनाव, चिराग से नहीं है कोई लेना-देना, आखिर क्यों...

केंद्रीय मंत्री पासवान के निधन पर राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत विभिन्‍न नेताओं ने शोक जताया है. लोक जनशक्ति पार्टी के 74 वर्षीय संरक्षक पासवान का कुछ दिन पहले एक अस्पताल में हृदय का ऑपरेशन हुआ था.

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा मूल्यवान सहयोगी को खो दिया
मैं शब्दों से परे दुखी हूं. हमारे राष्ट्र में एक शून्य है जो शायद कभी नहीं भरेगा. श्री राम विलास पासवान जी का निधन एक व्यक्तिगत क्षति है. मैंने एक दोस्त, मूल्यवान सहयोगी और उसे खो दिया है, जो हर गरीब व्यक्ति को यह सुनिश्चित करने के लिए बेहद भावुक था कि वह गरिमा का जीवन जीते हैं.

कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प के माध्यम से राजनीति में कदम रखा
पीएम मोदी ने कहा, ” श्री राम विलास पासवान जी ने कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प के माध्यम से राजनीति में कदम रखा. एक युवा नेता के रूप में, उन्होंने आपातकाल के दौरान हमारे लोकतंत्र पर अत्याचार और हमले का विरोध किया. वह एक उत्कृष्ट सांसद और मंत्री थे, जिन्होंने कई नीतिगत क्षेत्रों में स्थायी योगदान दिया.

बिहार सीएमओ का ट्वीट- सीएम ने रामविलास पासवान के निधन को व्यक्तिगत नुकसान बताया
केंद्रीय मंत्री रामविलासपासवान के निधन पर बिहार सीएम ने किया शोक जताया है. उन्‍होंन कहा कि वे कहते हैं कि वे भारतीय
राजनीति के एक लंबे व्यक्तित्व थे – तेज वक्‍ता, लोकप्रिय नेता, योग्य प्रशासक, मिलनसार व्यक्तित्व के साथ मजबूत
संगठनकर्ता. उन्होंने कहा कि यह उनका व्यक्तिगत नुकसान है.

बता दें कि केंद्रीय मंत्री पासवान का दिल्‍ली के एक अस्‍पताल में इलाज चल रहा था. उनकी हार्ट सर्जरी भी हुई थी. बीते चार अक्‍टूबर को चिराग ने ट्वीट कर बताया था, पि‍छले कई दिनो से पापा का अस्पताल में इलाज चल रहा है. कल शाम अचानक उत्पन हुई परिस्थितियों की वजह से देर रात उनके दिल का ऑपरेशन करना पड़ा. ज़रूरत पड़ने पर सम्भवतः कुछ हफ़्तों बाद एक और ऑपरेशन करना पड़े. संकट की इस घड़ी में मेरे और मेरे परिवार के साथ खड़े होने के लिए आप सभी का धन्यवाद.

पासवान का आधी सदी का स‍ियासी सफर
– खगड़िया में एक दलित परिवार में 5 जुलाई 1946 को जन्मे रामविलास पासवान पहले बिहार प्रशासनिक सेवा में अधिकारी थे.
– राजनीति में ‘मौसम वैज्ञानिक’ के नाम से भी ख्‍यात रामविलास पासवान का सियासी सफर सफर 50 साल से भी अधिक पुराना है.
– बीते 20 सालों में पासवान लगभग केंद्र की हर सरकार में मंत्री रहे हैं.
– रामविलास पासवान 8 बार लोकसभा के सदस्य रहे.
– 1977 के लोकसभा चुनाव में ही हाजीपुर सीट से चुनाव लड़े पासवान ने जीत की.
– 2014 तक वह आठ बार लोकसभा चुनावों में जीते थे. इस बार वह राज्‍यसभा में आए थे.
– रामविलास पासवान का सियासी सफर 1969 में तब शुरू हुआ था
– संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी के टिकट पर चुनाव जीतकर बिहार विधानसभा के सदस्य बने थे.
– इमरजेंसी में पूरे समय तक पासवान जेल में रहे ओर इसके खत्‍म होने के बाद जनता पार्टी में शामिल हो गए.
– 1977 की जीत के बाद रामविलास पासवान 1980 और 1989 के लोकसभा चुनावों में जीते
– विश्वनाथ प्रताप सिंह की सरकार में वह पहली बार कैबिनेट मंत्री बनाए गए
– पासवान ने विभिन्न सरकारों में रेल, दूरसंचार, कोयला मंत्रालय तक की जिम्मेदारी संभाली
– पासवान नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार में खाद्य और उपभोक्ता मामलों के मंत्री रहे हैं