नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव के मद्देनजर सीटों के बंटवारे को लेकर बिहार में एनडीए के बीच लगता है कि सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है. जब से बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने एलान किया है कि बीजेपी और नीतीश की पार्टी बराबर सीटों पर चुनाव लड़ेगी एनडीए के अन्य घटक दल नाराज बताए जा रहे हैं. रालोसपा अध्यक्ष और भाजपा सहयोगी उपेंद्र कुशवाहा ने विपक्ष के नेता शरद यादव से सोमवार को मुलाकात की. उनकी इस मुलाकात के बाद ये अटकलें तेज हो गई हैं कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ मतभेदों और लोकसभा चुनाव में भगवा पार्टी के बिहार के सहयोगियों के बीच सीटों के प्रस्तावित बंटवारे के चलते वह खेमा बदल सकते हैं.

राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा) के सूत्रों ने बताया कि केंद्रीय मंत्री कुशवाहा ने यादव के आवास पर उनसे मुलाकात की. माना जा रहा है कि दोनों नेताओं के बीच मौजूदा राजनीतिक स्थिति को लेकर, खासकर बिहार की राजनीतिक स्थिति को लेकर बातचीत हुई. हालांकि एक ट्वीट में कुशवाहा ने इसे शिष्टाचारवश हुई मुलाकात बताया. उन्होंने अक्सर जोर देकर कहा है कि वह नरेंद्र मोदी को फिर से प्रधानमंत्री बनाने के लिए काम करेंगे लेकिन कुमार के साथ उनके असहज रिश्तों और राजद नेता तेजस्वी यादव समेत विपक्षी नेताओं के साथ मुलाकात ने उनके भविष्य के कदम को लेकर अटकलें तेज कर दी हैं.

पिछले साल भाजपा के साथ नीतीश कुमार के हाथ मिला लेने के बाद यादव जदयू से अलग हो गए थे और वह भगवा पार्टी के खिलाफ विपक्ष को एकजुट करने के लिए सक्रिय हो गए. कुशवाहा ने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के उस प्रस्ताव पर आपत्ति जताई थी जिसमें कहा गया था कि उनकी पार्टी और राम विलास पासवान नीत लोजपा को 2014 के मुकाबले 2019 में कम सीटें दी जा सकती हैं ताकि कुमार की जदयू को ज्यादा से ज्यादा सीटें मिल पाएं. रालोसपा ने 2014 में तीन सीटों पर चुनाव लड़ा था और तीनों सीटें जीती थीं.

उपेंद्र कुशवाहा ने अपनी पार्टी के दोनों विधायकों के जदयू में शामिल होने की अटकलों को लेकर रविवार को जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधा था. रालोसपा विधायक सुधांशु शेखर के जदयू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर से मुलाकात की खबर पर कुशवाहा ने ट्वीट करके जदयू अध्यक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, ‘वैसे तो नीतीश कुमार जी, आपको तोड़-जोड़ में महारत हासिल है. बसपा, लोजपा, राजद, कांग्रेस और अब रालोसपा…! लेकिन बिहार व देश की जनता सब देख रही है. हम गरीबों, शोषितों, वंचितों, दलितों, पिछड़ों और गरीब सवर्णों के हक के लिए लड़ते रहेंगे. आप चाहे जितना प्रहार करें.’

रालोसपा विधायक सुधांश शेखर के जदयू उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर के साथ आज मुलाकात करने पर उनके साथ..साथ कुशवाहा की पार्टी के दूसरे विधायक ललन पासवान के जदयू में शामिल होने की अटकलें लगायी जा रही हैं. 2015 के बिहार विधानसभा चुनाव में रालोसपा ने केवल दो सीटें जीती थीं. इसके अन्य विधायक ललन पासवान पहले से ही जहानाबाद से पार्टी के सांसद अरुण कुमार की अध्यक्षता वाले एक असंतुष्ट समूह में शामिल हो चुके हैं.