नई दिल्ली: दिल्ली मेट्रो की पिंक लाइन पर 17.86 किलोमीटर लंबा शिवविहार-त्रिलोकपुरी संजय झील लाइन को यात्रियों के लिए खोल दिया गया. केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने हरी झंडी दिखाई. मेट्रो रेल सुरक्षा आयुक्त (सीएमआरएस) ने 20 अक्टूबर को पूर्वी में इए उपरिगामी खंड का निरीक्षण करने के बाद उसे चालू करने की मंजूरी प्रदान की थी. Also Read - Domestic Flights: घरेलू उड़ानों को सामान्य होने में लग सकता है 6 महीने का समय: हरदीप सिंह पुरी

दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) के एक अधिकारी ने बताया कि दिल्ली मेट्रो की पिंक लाइन के शिवविहार-त्रिलोकपुरी संजय झील खंड को आवास एवं शहरी मामले राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हरदीप सिंह पुरी और दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया द्वारा औपचारिक रुप से यात्री संचालन के लिए खोल दिया गया. Also Read - क्या दिल्ली में शुरू होने वाली है मेट्रो! ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर बोले- कम से कम दो दिन लगेंगे सर्विस शुरू करने में

इस उपरिगामी मार्गखंड में 15 स्टेशन हैं जिनमें तीन पर ट्रेन बदलने की सुविधा है. ये स्टेशन त्रिलोकपुरी संजय झील, पूर्व विनोद नगर-मयूर विहार -2, मंडावली,पश्चिम विनोदनगर, आईपी एक्सटेंशन, आनंद विहार आईएसबीटी, कडकड़डूमा, कडकड़डूमा कोर्ट, कृष्णानगर, पूर्व आजाद नगर, वेलकम, जाफराबाद, मौजपुर-बाबरपुर, गोकुलपुरी, जोहरी एंक्लेव और शिवविहार हैं. इस खंड की बड़ी बात तीन इंटरचेंज स्टेशन (जहां आप ट्रेन बदल सकते हैं)– आनंद विहार (ब्लूलाइन के साथ), कड़कड़डूमा (ब्लू लाइन के साथ) और वेलकम (रेडलाइन के साथ) होंगे. इस खंड के खुलने के साथ ही दिल्ली मेट्रो के नेटवर्क का विस्तार करीब 314 किलोमीटर तक हो जाएगा.

डीएमआरसी में कार्यकारी निदेशक, कॉर्पोरेट संचार, अनुज दयाल ने ‘पिंक लाइन के इस मार्ग के शुरू होने के साथ ही दिल्ली मेट्रो नेटवर्क 229 स्टेशनों के साथ 314 किमी तक फैल जाएगा. इसके साथ ही यह 300 किमी का स्तर पार कर, दुनिया की शीर्ष मेट्रो प्रणाली में शामिल हो जाएगा. इस सूची में लंदन, बीजिंग, शंघाई, न्यूयॉर्क की मेट्रो पहले ही शामिल है.

इस बीच, देश के 15 विभिन्न शहरों में मेट्रो रेल परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी देते हुये आवास एवं शहरी विकास मामलों के राज्यमंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा है कि मेट्रो रेल की निर्माणाधीन परियोजनाओं सहित मेट्रो का देशव्यापी विस्तार 664 किमी तक पहुंच गया है जबकि मेट्रो रेल का परिचालन 515 किमी में किया जा रहा है.