नई दिल्ली: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि जब वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ राहुल गांधी की अभद्र भाषा के लिए आज लोकसभा में उनकी निंदा कर रहे थे तो कांग्रेस के सांसद उनकी सीट के पास आकर उन पर हमले करने तथा कागज छीनने का प्रयास करने लगे. Also Read - फिर टला कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव, कोरोना संकट बना वजह; सोनिया गांधी अंतरिम अध्यक्ष की जिम्मेदारी निभाती रहेंगी

सदन में आज उस समय हंगामेदार स्थिति बन गयी जब स्वास्थ्य मंत्री ने प्रश्नकाल में राहुल गांधी के एक पूरक प्रश्न का उत्तर देने से पहले प्रधानमंत्री के खिलाफ उनके ‘डंडे’ वाले बयान को ‘अजीबोगरीब’ बताते हुए उसकी निंदा की. जिसके बाद कांग्रेस के एक सदस्य हषवर्धन के पास पहुंच गये. हर्षवर्धन ने संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से कहा कि जब मैंने प्रधानमंत्री के खिलाफ राहुल गांधी के बयान के लिए उनकी निंदा की तो कांग्रेस सांसद मेरी सीट के पास आए और उन्होंने मुझ पर हमला करने और मुझसे कागज छीनने की कोशिश की. उन्होंने कहा कि मोदी के खिलाफ राहुल की भाषा अत्यंत निंदनीय थी. एक पूर्व प्रधानमंत्री के बेटे से ऐसी भाषा की अपेक्षा नहीं की जा सकती. उन्होंने मांग की कि राहुल को माफी मांगनी चाहिए. Also Read - विधानसभा चुनाव में करारी हार की समीक्षा के लिए समिति बनाएगी कांग्रेस

केंद्रीय मंत्री ने अपने ट्वीट में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी पर अपमानजनक टिप्पणी के लिए राहुल गांधी जी को देश से माफ़ी मांगनी चाहिए. प्रश्नकाल के दौरान राहुल जी के सवाल का जवाब देने से पहले मेरे लिए यह जरूरी था कि मैं उनसे उनकी करनी के लिए पश्चाताप करने का आग्रह करूं. इससे पहले सदन में प्रश्नकाल के दौरान हर्षवर्धन ने कहा कि राहुल गांधी के प्रश्न का उत्तर देने से पहले वह प्रधानमंत्री के खिलाफ कांग्रेस नेता की एक टिप्पणी पर बयान देना चाहेंगे जिसमें उन्होंने कहा था कि छह महीने बाद देश के युवा नरेंद्र मोदी को डंडे मारेंगे. Also Read - Who is Himanta Biswa Sarma: पूर्वोत्तर के चाणक्य कहे जाते हैं हेमंत बिस्व सरमा, कभी कांग्रेस सरकार में थे मंत्री, आज बनेंगे असम के CM

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि वह गांधी के ‘अजीबोगरीब’ बयान की स्पष्ट शब्दों में निंदा करते हैं. इसी दौरान कांग्रेस के सदस्य जोरदार तरीके से विरोध दर्ज कराने लगे और पार्टी सदस्य मणिकम टैगोर सत्ता पक्ष की अग्रिम पंक्ति के पास पहुंच गए. वह दूसरी पंक्ति में जवाब दे रहे हर्षवर्धन के ठीक सामने पहुंचकर आक्रामक अंदाज में उन्हें हाथ दिखाने लगे.