जम्मू: कश्मीर घाटी में पथराव में सेना के एक जवान की मौत के मामले में मुख्यधारा के कश्मीरी नेताओं की चुप्पी की आलोचना करते हुए केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने शनिवार को कहा कि वे नेता हुर्रियत की बिना अनुमति के शौचालय तक नहीं जा सकते हैं. केंद्रीय मंत्री, सिपाही राजेंद्र सिंह की मौत पर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्रियों उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती की चुप्पी के सवाल पर प्रतिक्रिया दे रहे थे. Also Read - भाजपा सरकार में वित्तीय संस्थाओं के ‘कुप्रबंधन’ के कारण यस बैंक की स्थिति चरमराई: चिदंबरम

सेना के जवान का शुक्रवार को एक अस्पताल में निधन हो गया था. युवकों के एक समूह की ओर से किए गए पथराव के दौरान उन्हें सिर पर चोट आई थी. सिंह ने कहा, ‘‘कल मैं और (राज्य) के राज्यपाल एक कार्यक्रम में साथ में थे. उन्होंने हुर्रियत के बारे में कहा कि वे पाकिस्तान से इजाजत लिए बिना शौचालय नहीं जाते हैं.’’ Also Read - नेतृत्व का मतलब लोगों को हिंसा की तरफ ले जाना नहीं: सेना प्रमुख

सेना प्रमुख बिपिन रावत ने कहा- आतंकवादियों की तरह बर्ताव कर रहे हैं पत्थरबाज, आर्मी करेगी सख्त कार्रवाई Also Read - भाजपा सरकार ने पूर्वोत्तर और बंगाल के बाद दिल्ली को भी जलने के लिए छोड़ दिया है : कांग्रेस

केंद्रीय मंत्री ने पत्रकारों से कहा, ‘‘जहां कश्मीर की तथाकथित मुख्यधारा की राजनीतिक पार्टियों की बात है तो मुझे यह कहने में कोई हिचक नहीं है कि उनकी स्थिति और खराब है. वे हुर्रियत की इजाजत के बिना शौचालय भी जाते हैं.’’

वहीं सेना प्रमुख बिपिन रावत ने कहा, पत्थरबाज हमारे जवानों को टारगेट कर रहे हैं. उन्होंने कल एक जवान को टारगेट कर पत्थरबाजी की जिससे उसकी मौत हो गई. कृपया आप हमें बताएं हम इन पत्थरबाजों की तुलना आतंकियों की मदद करने वाले Over Ground Workers (OWG) से क्यों न करें और वैसी ही कार्रवाई क्यों न करें. हर बार सेना के खिलाफ केस दर्ज होता है, लेकिन इस टाइम हम उनके खिलाफ केस दर्ज कराएंगे. इस बार आर्मी सख्त कार्रवाई करेगी.

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बता दें कि आतंकियों की मदद करने वाले Over Ground Workers (OWG) पूरी तरह से आतंकी नहीं होते हैं बल्कि ये एक तरह से सूचना देने का काम करते हैं. ये आम लोगों के बीच में उनकी तरह ही घूमते हैं और फिर आतंकियों को पूरी जानकारी देते हैं.

(इनपुट भाषा)