#MeToo मूवमेंट की चपेट में आए विदेश राज्य मंत्री एमजे अकबर ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. पूर्व पत्रकार अकबर के खिलाफ विभिन्न मीडिया हाउसों में काम करते हुए कई महिलाओं का यौन उत्पीड़न करने के आरोप लगे हैं. करीब 8 महिलाओं ने उन पर ये आरोप लगाए हैं. मशहूर पत्रकार और विदेश राज्यमंत्री एमजे अकबर पर समाचार पत्र द एशियन एज की पूर्व पत्रकार प्रिया रमानी ने आरोप लगाया था कि अकबर ने बतौर संपादक उसका यौन उत्पीड़न किया था. अपने इस्तीफे में अकबर ने देश की सेवा करने का मौका देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का आभार भी व्यक्त किया है. हालांकि, अकबर ने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज किया है और उन्होंने प्रिया रमानी के खिलाफ मानहानि का मुकदमा भी दायर किया है.Also Read - Taarak Mehta Ka Ooltah Chashmah की 'बबिता' ने किया खौफनाक खुलासा, बोलीं- उसका हाथ मेरी पैंट में था, ब्रा स्ट्रैप खींचता था

#MeToo अभियान के सुर्खियों में आने के बाद प्रिया रमानी ने सालभर पहले एक पत्रिका में लिखे गए अपने लेख को टि्वटर पर शेयर करते हुए अकबर पर ये आरोप लगाए थे. रमानी के बाद 7 अन्य महिला पत्रकारों ने भी विदेश राज्यमंत्री पर यौन उत्पीड़न संबंधी आरोप लगाए थे. इनमें एक विदेशी पत्रकार भी शामिल थीं. पत्रकार प्रिया रमानी द्वारा आरोप लगाने के बाद, उनकी पूर्व सहयोगी प्रेरणा सिंह बिंद्रा, एशियन एज की रेजिडेंट एडिटर सुपर्णा शर्मा, लेखक शुमा राह, पत्रकार शुतपा पॉल और अन्य महिलाओं ने यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं. विदेशी पत्रकार ने अकबर पर आरोप लगाया था कि एक मीडिया संस्थान में वर्ष 2007 में इंटर्न रहते हुए अकबर ने सीमाएं लांघते हुए उसके साथ यौन दुर्व्यवहार किया था. Also Read - मानहानि केस में दिल्ली की अदालत से MJ अकबर को झटका, कोर्ट ने प्रिया रमानी को दोषी नहीं माना; याचिका खारिज

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