नई दिल्ली: बढ़ती बेरोजगारी के दौर में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग (एमएसएमई) सेक्टर आने वाले वर्षो में रोजगार का बड़ा क्षेत्र बनकर उभरने वाला है. MSME मंत्रालय संभाल रहे वरिष्ठ केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का दावा है कि अगले पांच वर्षो में यह सेक्टर पांच करोड़ नए रोजगार देगा. Also Read - नागपुर में फैक्ट्री का बॉयलर फटने से पांच की मौत, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के बेटे हैं फैक्ट्री के डायरेक्टर

खास बात यह कि रोजगार के ये मौके ग्रामीण इलाकों में पैदा होंगे. हालिया वर्षो में MSME सेक्टर 11 करोड़ लोगों को रोजगार दे चुका है. इस तरह MSME 2025 तक 16 करोड़ लोगों को रोजगार से जोड़ने में सफल होगा.गडकरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश की अर्थव्यवस्था को 5 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर का आकार देने की दिशा में काम कर रहे हैं. MSME सेक्टर इसमें अहम योगदान देगा. फिलहाल ग्रामीण उद्योगों का सालाना टर्नओवर 75 हजार करोड़ का है, इसे इस साल तक एक लाख करोड़ करेंगे. अगले पांच वर्षो में टर्नओवर को पांच लाख करोड़ करने का लक्ष्य है. इसी के साथ पांच साल में पांच करोड़ नए रोजगार के मौके उपलब्ध होंगे. Also Read - ये हैं महाराष्ट्र की राजनीति में भाजपा के दिग्गज नेता, लेकिन पूरी पिक्चर से हैं गायब, आखिर क्यों?

आंकड़ों की बात करें तो मौजूदा समय MSME सेक्टर देश की जीडीपी में करीब 29 प्रतिशत का हिस्सा अदा करता है. नए रोजगार के मौके उपलब्ध कराने के लिए MSME मंत्रालय जीडीपी में सूक्ष्म, लघु और मंझोले उद्योगों का योगदान 29 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत करना चाहता है. MSME सेक्टर अब तक 11 करोड़ रोजगार पैदा कर चुका है. ऐसे में केंद्रीय मंत्री का दावा सच हुआ तो MSME अकेले 16 करोड़ रोजगार देने वाला सेक्टर बन जाएगा. Also Read - नितिन गडकरी का संदेश- पाकिस्तान पर एयर स्ट्राइक का श्रेय कोई न ले, न ही करे इस पर राजनीति