हैदराबाद: केंद्रीय गृह राज्य मंत्री जी. किशन रेड्डी ने बुधवार को यहां कहा कि जम्मू-कश्मीर में हिंसक प्रदर्शनों की संख्या में हाल में कमी आई है. उन्होंने पाकिस्तान की भाषा बोलने को लेकर विपक्ष की आलोचना की. यहां एक कार्यक्रम से इतर बातचीत में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में यह पहली बार नहीं है कि हिंसा की यह छोटी घटनाएं हो रही हैं. ये सालों से हो रही हैं.

उन्होंने कहा कि लेकिन अब इन हिंसक प्रदर्शनों की संख्या में कमी आई है. यह पूछे जाने पर कि विपक्षी पार्टियों को घाटी में कब बैठक आयोजित करने की अनुमति मिलेगी? मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान की हरकतों को देखते हुए हम जम्मू-कश्मीर में एहतियाती उपाय अपना रहे हैं. उन्होंने कहा कि विपक्षी पार्टियों के पास कश्मीर का दौरा करने व बैठकें आयोजित करने के लिए पर्याप्त समय है. उन्होंने कहा कि विपक्षी पार्टियों को कुछ दिन धीरज रखने की जरूरत है और इसके बाद वे वहां बैठक आयोजित कर सकते हैं.

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के कश्मीर दौरे की इच्छा का माखौल उड़ाते हुए रेड्डी ने कहा कि यहां तक कि राहुल गांधी भी वहां बैठक आयोजित कर सकते हैं और कश्मीर का दौरा कर सकते हैं और उन्हें वहां का दौरा करने से कोई नहीं रोकेगा. सरकार द्वारा अनुच्छेद 370 को निष्प्रभावी करने के कदम को देश की अखंडता की दिशा में कदम बताते हुए उन्होंने कहा, “हमने देश की अखंडता के लिए कदम उठाया है. अब वहां भारत का संविधान लागू किया गया है. बाबासाहेब बी.आर.आंबेडकर का संविधान वहां लागू किया गया है. हमने देश के लिए अच्छा कार्य किया है. अब वहां दलित आरक्षण लागू किया जा सकता है.”

विपक्षी पार्टियों पर पाकिस्तान की भाषा बोलने को लेकर निशाना साधते हुए मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान अपनी तरफ से वहां (कश्मीर) अशांति भड़काने का प्रयास कर रहा है, जिससे दुनिया को बता सके कि वहां शांति नहीं है. अब विपक्षी पार्टियां भी पाकिस्तान के साथ दिख रही हैं, क्योंकि वे उनकी भाषा बोल रही हैं, जो कि गलत है. कश्मीरी राजनेताओं की नजरबंदी से रिहाई के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर निर्णय वहां के प्रशासन द्वारा किया जाएगा. हमारी इसमें कोई भूमिका नहीं है.