पुणे: केन्द्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने शनिवार को यहां कहा कि देश में कोविड-19 टीकों के बड़े पैमाने पर उत्पादन से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ की संकल्पना पूरी हुई है. उन्होंने कहा कि भारत टीका निर्माण के क्षेत्र में विश्व में अग्रणी बन गया है और उसने कोविड-19 महामारी की चुनौती को सफलतापूर्वक एक अवसर में बदल दिया. Also Read - डिजिटल मीडिया, सोशल मीडिया, OTT के लिए नई गाइडलाइंस, गलत कंटेंट पोस्‍ट करने पर होगी कार्रवाई

मंत्री ने एक कार्यक्रम में कहा कि देश ने सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा तैयार किए गए टीके कोविशील्ड का निर्यात किया है, और कुछ देशों में भारत बायोटेक के कोवैक्सीन टीके भेजे गये हैं. उन्होंने कहा, ‘‘यह और कुछ नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की आत्मनिर्भर भारत की संकल्पना को पूरा करना है.’’ Also Read - राहुल गांधी ने किसानों को उकसाया, कांग्रेस देश में अशांति चाहती है: केंद्र सरकार

एक दिन पहले पीएम मोदी ने आत्मनिर्भर भारत के सपने के बारे में बोलते हुए कहा था कि भारत तेजी से आत्मनिर्भर हो रहा है. उन्होंने कोरोना वायरस वैक्सीन पर कहा कि कोविड-19 का टीका आज दुनिया की सबसे बड़ी जरूरत है और भारत इस मामले में पूरी तरह आत्मनिर्भर है. Also Read - पाकिस्तान के पास नहीं बचे वैक्सीन खरीदने तक के पैसे, इमरान खान ने कहा- कर्ज लेने की क्षमता नहीं

अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में कोविड-19 टीकाकरण अभियान के लाभार्थियों और टीका लगवा चुके लोगों से वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से संवाद करते हुए प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि टीकाकरण अभियान को लेकर भारत की तैयारी पूरी है और टीके देश के कोने-कोने में तेजी से पहुंच रहे हैं.

प्रधानमंत्री ने 16 जनवरी को देशव्यापी टीकाकरण अभियान की शुरुआत की थी. टीकाकरण के पहले चरण में तीन करोड़ स्वास्थ्यकर्मियों और अग्रिम मोर्चे पर तैनात कर्मियों को टीका लगाया जाना है.

मोदी ने संवाद से पहले अपने संक्षिप्त संबोधन में कहा कि आज दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान भारत में चल रहा है और इसके पहले दो चरणों में 30 करोड़ देशवासियों को टीका लगाया जा रहा है.

उन्होंने कहा, ‘‘आज देश में ऐसी इच्छाशक्ति है कि देश खुद अपनी वैक्सीन बना रहा है. आज देश की तैयारी ऐसी है कि देश के कोने-कोने तक वैक्सीन तेजी से पहुंच रही है और आज दुनिया की इस सबसे बड़ी जरुरत को लेकर भारत पूरी तरह से आत्मनिर्भर है. अनेक देशों की मदद भी कर रहा है.’’