नई दिल्ली: रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं भारत सरकार के सामाजिक न्याय अधिकारिता राज्यमंत्री रामदास आठवले ने एक बार फिर प्रमोशन में रिजर्वेशन दिए जाने की मांग की है. मंत्री ने यह भी कहा, “लंबे समय से महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने का बिल पेंडिंग है, फिलहाल 20 प्रतिशत भी आरक्षण दे दिया जाए तो महिलाओं के सम्मान को और बढ़ाने वाला निर्णय होगा.”

अठावले ने गुरुवार को संसद भवन परिसर में आयोजित सर्वदलीय बैठक में ये बातें कहीं. उन्होंने कहा कि पिछले काफी समय से प्रमोशन में रिजर्वेशन को लेकर दलित, आदिवासी और पिछड़े समाज की मांग चल रही है और यदि ऐसा हो जाता समाज के लोगों के लिए कल्याणकारी निर्णय साबित होगा.

आठवले ने प्रधानमंत्री मोदी से मांग की कि एससी, एसटी एवं ओबीसी वर्ग के छात्रों को दी जाने वाली छात्रवृत्ति की धनराशि कम है, इसलिए इसको बढ़ाकर अलग-अलग स्लैब पर 1000 से लेकर 5000 तक किया जाए, जिससे छात्रों को पढ़ाई में भरपूर मदद मिल जाएगी. उन्होंने यह भी मांग की कि एससी, ओबीसी आयोग की तर्ज पर सफाई मजदूर आयोग को संवैधानिक दर्जा दिए जाने के लिए भी विधेयक लाया जाना चाहिए.

बैठक में आठवले ने कहा कि नागरिकता कानून और एनआरसी को लेकर विपक्षी दलों द्वारा गलतफहमी बढ़ाने का काम किया जा रहा है, जबकि इस कानून से देश के किसी भी नागरिक को कोई नुकसान नहीं है.