नई दिल्ली: अक्सर अपने बयानों के चलते चर्चा में रहने वाले केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री सत्यपाल सिंह ने गुरुवार को एक और अजीबोगरीब बयान दिया. उन्होंने कहा कि वह एक ऐसे भारत की कल्पना करते हैं, जहां राष्ट्रपति वेद पर हाथ रख कर अपने पद की शपथ लें. उन्होंने अमेरिका का उदाहरण दिया जहां राष्ट्रपति बाईबिल की शपथ लेते हैं.

केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री ने आर्य समाज के चार दिवसीय वैश्विक सम्मेलन में यह टिप्पणी की. उन्होंने इसे इसके अनुयायियों का महाकुंभ बताया. सिंह ने कहा, ‘‘हमने देखा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति अपने पद की शपथ बाईबिल पर हाथ रख कर लेते हैं …मैं एक ऐसे भारत की कल्पना करता हूं, जहां राष्ट्रपति वेद पर हाथ रख कर शपथ लें.’’ उन्होंने यह भी कहा कि देश जिन मुद्दों का सामना कर रहा है उन सबका समाधान ‘‘ऋषि ज्ञान’’ है. मंत्री ने कहा कि देश को अपने खोये हुए गौरव को वापस पाने के लिए वेदों की ओर लौटना होगा.

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इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा कि चार दिवसीय सम्मेलन में गो कल्याण, किसान हत्या, पर्यावरण संकट और स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी. केंद्रीय मंत्री हर्ष वर्द्धन ने कहा कि वह आरएसएस और आर्यसमाज से बेहद करीब से जुड़े थे और इन्हीं की शिक्षाओं ने उन्हें जाति और उपजाति छोड़ने के लिए प्रेरित किया. उन्होंने कहा कि, ‘‘यहां मौजूद कोई नहीं जानता कि मेरी जाति क्या है.’’

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सत्यपाल सिंह पहले भी अपने बयानों के चलते चर्चा में रहे हैं. जनवरी, 2017 में उन्होंने आम लोगों से गंगा नदी में अस्थियां विसर्जित नहीं करने की अपील करते हुए महामंडलेश्वरों को जल समाधि के बजाय दाह संस्कार की सलाह दी थी. इसके बयान उनके खिलाफ हरिद्वार में केस भी दर्ज किया गया था. इस साल की शुरुआत में उन्होंने डार्विन के विकासवाद के सिद्धांत को गलत करार दिया था. मार्च महीने में वे महाराष्ट्र के एक मंत्री की पीएचडी डिग्री फर्जी बताकर विवादों में आ गए थे.