मुंबई: केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने सड़कों की गुणवत्ता के साथ कोई समझौता नहीं करने का दावा करते हुए ठेकेदारों को चेतावनी दी है. गडकरी ने कहा कि सड़क खराब निकलने पर वह ‘‘ ठेकदारों पर बुलडोजर चलवा देंगे.’’

गडकरी ने गुरुवार को एक पुस्तक किताब विमोचन समारोह में बात कही. गडकरी की यह टिप्पणी सड़क गुणवत्ता पर सुप्रीम कोर्ट की चिंताओं के बाद आई है. न्यायालय ने कहा था कि सड़क दुर्घटनाओं में देश में 14,000 से ज्यादा मौतें सड़कों पर गड्ढे के कारण होती हैं. यह आतंकी हमलों में मारे गए लोगों की संख्या से अधिक है. सड़क पर गड्ढों के कारण इस कदर लोगों की मौत “स्वीकार्य” नहीं है.

यह पुस्तक भारत की प्रगति के बारे में है. इसका शीर्षक है ‘इंडिया इंस्पायर्स: रीडिफाइनिंग द पॉलिटिक्स ऑफ डिलीवरेंस’. इसके लेखक एक राजनीतिक कार्यकर्ता तुहिन ए. सिन्हा हैं. केंद्रीय मंत्री ने कहा, “मैंने कई बड़े ठेकेदारों से कहा कि यदि उनके द्वारा बनाई गई सड़कों की गुणवत्ता खराब निकली तो मैं उन्हें बुलडोजर के नीचे डलवा दूंगा.”

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गडकरी ने कहा कि मेरे मंत्रालय ने पिछले साढे चार साल में 10,000 अरब रुपये के सड़क निर्माण के ठेके दिये हैं. पारदर्शिता पर चिंताओं को दूर करते हुये मंत्री ने कहा कि इन दिनों किसी भी ठेकदार को ठेकों के लिये दिल्ली आने के लिये मजबूर नहीं किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि जब हमारी सरकार आई तो सड़क निर्माण की दर 2 किलोमीटर प्रति दिन थी लेकिन अब यब बढ़कर 28 किलोमीटर प्रति दिन हो गई है. इसे मार्च 2019 तक बढ़ाकर 40 किलोमीटर प्रति दिन करने का लक्ष्य है. गडकरी ने कहा कि देशभर में 12 नये एक्सप्रेसवे पर काम चल रहा है.

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न्यायमूर्ति मदन बी लोकूर की अध्यक्षता वाली पीठ ने गुरुवार को नाराजगी जताते हुये कहा था कि देशभर में गड्ढ़ों के कारण बड़े पैमाने पर मौत होती है. संभवत: यह आंकड़ा सीमा पर और आतंकी हमले में मरने वालों से भी ज्यादा है.

गडकरी ने कहा कि प्रदूषित गंगा नदी का 70-80 प्रतिशत काम मार्च अंत तक पूरा हो जाएगा. राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के तहत राज्यों के साथ मिलकर इस पर करीब 26,000 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं. गडकरी ने कहा, “मेरा मानना है कि मार्च 2020 तक गंगा नदी पूरी तरह से स्वच्छ हो जाएगी.”