Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट में एक वकील ने ऐसा जुर्माना भरा  है जिसे जानकर आप भी हैरान हो जाएंगे. इस जुर्माने के लिए वॉट्सएप पर कैंपने चला दोस्तों ने 50-50 पैसों के 200 सिक्के जमा किए जिससे वकील ने 100 रुपये का जुर्माना भरा है. इस जुर्माने को भरने के लिए वकील के दोस्तों को काफी मशक्कत करनी पड़ी. है ना चौंकाने वाली बात.. Also Read - No Parking No Car: दिल्ली मे कार लेने से पहले दिखाने होंगे पार्किंग के सबूत वरना नई कार के लिए करना पड़ेगा 15 साल का इंतजार

जुर्माने को भरने का ये तरीका सुप्रीम कोर्ट के वकीलों का एक सांकेतिक विरोध है जो कि एक वकील रीपक कंसल पर कोर्ट द्वारा 100 रुपये जुर्माना लगाने के खिलाफ है. Also Read - प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के लिए पर्याप्त नियमन मौजूद, डिजिटल मीडिया का नियमन पहले हो: केंद्र

रीपक कंसल ने सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री पर आपत्ति जाहिर की थी और आरोप लगाया था कि बड़े वकीलों व प्रभावशाली लोगों के मामलों को सुनवाई के लिए अन्य लोगों के मामलों से पहले सुनवाई की लिस्ट में शामिल कर दिया जाता है. उन्होंने इस मामले में याचिका दायर की थी जिसमें कहा गया था कि सुप्रीम कोर्ट में कुछ केसेज को ‘वीवीआइपी ट्रीटमेंट’ दिया जाता है. Also Read - सुप्रीम कोर्ट ने टीवी शो पर लगाई फटकार, कहा- अन्य नागरिक के जैसा है पत्रकार, अमेरिका की तरह कोई अलग से स्वतंत्रता नहीं

याचिका के आलोक में सुप्रीम कोर्ट से मांग की गई थी कि सुनवाई के लिए मामलों की लिस्टिंग करने में ‘पिक एंड चूज’ नीति न अपनाया जाए और कोर्ट में रजिस्ट्री के लिए भी निष्पक्षता और समान व्यवहार के निर्देश दिए जाएं.

इस याचिका में लगाए गए आरोपों पर सुप्रीम कोर्ट में जज जस्टिस अरुण मिश्रा, जस्टिस एस अब्दुल नज़ीर और जस्टिस एम आर शाह की बेंच ने सुनवाई की और आरोपों को खारिज करते हुए कंसल पर 100 रुपये का सांकेतिक जुर्माना लगा दिया और अपने फैसले में यह भी कहा था कि “रजिस्ट्री के सभी सदस्य दिन-रात आपके जीवन को आसान बनाने के लिए काम करते हैं. आप उन्हें हतोत्साहित कर रहे हैं. आप इस तरह के आरोप कैसे लगा सकते हैं? रजिस्ट्री हमारे अधीनस्थ नहीं है. वे बहुत हद तक सुप्रीम कोर्ट का हिस्सा हैं.”

इस मामले में रीपक कंसल के खिलाफ कोर्ट द्वारा लगाए गए जुर्माना के फैसले का सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के वकीलों ने सांकेतिक विरोध किया है. वकीलों ने रीपक कंसल के लिए 50-50 पैसे के सिक्के से 100 रुपये इकट्ठा किए. इसके लिए उन्होंने वॉट्एसएप पर ‘Contribute Rs 100’ नाम से एक ग्रुप बनाया और उसमें 125 से अधिक वकीलों ने मिलकर 50-50 पैसे के सिक्के खोजे.