लखनऊ/नई दिल्ली: कैराना सहित देश के अलग-अलग हिस्सों में हुए उपचुनावों में भाजपा की हार के बाद विपक्षी दलों ने 2019 के लोकसभा चुनावों में एकजुटता का आह्वान किया है. कैराना में एकजुट विपक्ष ने भाजपा को उपचुनावों में करारी शिकस्त दी. कांग्रेस ने उपचुनावों के परिणाम को नरेन्द्र मोदी के शासन के खिलाफ जनादेश और भाजपा के साम्राज्य के ‘‘अंत की शुरुआत’’ करार दिया. वहीं समाजवादी पार्टी (सपा) ने कहा कि लोग भाजपा को ‘‘करारा जवाब’’ दे रहे हैं. Also Read - West Bengal Assembly Election: कांग्रेस का ममता बनर्जी को बड़ा ऑफर, कहा- पश्चिम बंगाल में मिलकर चुनाव लड़े TMC, बीजेपी से...

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राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) के नेता जयंत चौधरी ने कहा कि एकजुट विपक्ष ने उत्तरप्रदेश में सत्तारूढ़ दल के ‘‘नफरत के रथ’’ को रोकने में सफलता पायी है. उन्होंने उम्मीद जताई कि एकजुट विपक्ष आगामी लोकसभा चुनावों में भाजपा को हराने की गति को कायम रखेगा. उनकी पार्टी के उम्मीदवार ने कैराना सीट पर भाजपा को हराया. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि लोगों का मोहभंग हो गया है और कहा कि अब क्षेत्रीय दल काफी मजबूत हो गए हैं. Also Read - राहुल गांधी की अपील- पेट्रोल-डीज़ल के बढ़ते जा रहे दाम, किसान भी परेशान, सरकार के खिलाफ 'सत्याग्रह' में शामिल हों लोग

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11 राज्यों में लोकसभा की चार और विधानसभा की दस सीटों पर हुए उपचुनावों में विपक्षी दलों ने 11 सीटों पर जीत दर्ज की और भाजपा तथा इसके सहयोगियों को तीन सीटों तक सीमित कर दिया. भाजपा और इसकी सहयोगी एनडीपीपी ने क्रमश: पालघर (महाराष्ट्र) और नगालैंड संसदीय सीटों पर जीत दर्ज की, वहीं उसने उत्तराखंड के थराली विधानसभा सीट पर जीत दर्ज की. राकांपा ने भंडारा गोंदिया संसदीय सीट पर भाजपा को पराजित कर दिया.

कांग्रेस को तीन सीटें मिलीं (मेघालय, कर्नाटक और पंजाब) जबकि अन्य को छह सीटें — झामुमो को दो सीटें झारखंड में, माकपा, सपा, राजद और तृणमूल कांग्रेस को एक – एक सीट क्रमश: केरल, उत्तरप्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल में मिलीं.

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लखनऊ में अखिलेश यादव ने कहा, ‘‘यह उन लोगों की हार है जो लोकतंत्र में विश्वास नहीं रखते और विभाजनकारी राजनीति करते हैं. लोगों ने भाजपा को करारा जवाब दिया है. यह किसानों, गरीबों और दलितों की जीत है.’’ सपा ने उत्तरप्रदेश में नूरपुर सीट पर भाजपा को हराया जहां सपा का समर्थन विपक्षी दल कर रहे थे. इससे पहले भाजपा गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा सीट भी हार चुकी है.

कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने कहा कि सारी चीजें बिल्कुल स्पष्ट हैं. उन्होंने मोदी सरकार पर आरोप लगाया कि उसने पिछले चार वर्षों में गरीबों और किसानों की पूरी तरह उपेक्षा की. पंजाब के मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता अमरिंदर सिंह ने कहा कि पूरे देश में भाजपा का प्रदर्शन ‘‘खराब’’ चल रहा है जो स्पष्ट रूप से 2019 के चुनावों से पहले लोगों के मूड का संकेत है. अमरिंदर ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सत्ता में वापस नहीं आएंगे, देश में अगली सरकार कांग्रेस की बनेगी.’’

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राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि उनके पिता लालू यादव ने भाजपा का मुकाबला करने के लिए विपक्षी एकता का आह्वान किया था जो देश में आकार ले रहा है. भाकपा ने उपचुनावों में एकजुट विपक्ष की जीत को धर्मनिरपेक्ष लोकतांत्रिक ताकतों की जीत बताया जो भाजपा की सांप्रदायिक राजनीति को परास्त करने के लिए एक साथ आ रहे हैं.

भाकपा नेता डी. राजा ने कहा, ‘‘उपचुनाव के परिणाम दिखाते हैं कि भाजपा लगातार नीचे की तरफ जा रही है. गुजरात, कर्नाटक से भाजपा का पतन शुरू हुआ था और 2019 के लोकसभा चुनावों में यह निश्चित रूप से नजर आएगा. धर्मनिरपेक्ष लोकतांत्रिक ताकतों ने महसूस किया कि उन्हें एकजुट होना चाहिए. लोग भाजपा को छोड़ रहे हैं क्योंकि उन्हें भाजपा का सांप्रदायिक एजेंडा समझ में आ रहा है.’’