United States says it will provide vaccine raw materials to India कई वर्गों की तरफ से अत्यधिक दबाव के बाद बाइडन प्रशासन ने कोरोना टीके के लिए क्च्चा माल देने पर सहमित जताई है. रविवार को शीर्ष अमेरिकी अधिकारी ने इसकी जानकारी दी. बता दें कि इससे पहले अमेरिका ने कोविड- 19 टीके के उत्पादन में काम आने वाले प्रमुख कच्चे माल के निर्यात पर लगाये गये प्रतिबंध के पक्ष में तर्क देते हुये कहा था कि उसका पहला दायित्व अमेरिकी लोगों की जरूरतों को देखना है.Also Read - Aaj Ka Rashifal | Daily Horoscope, 20 May: कैसा रहेगा आज आपका दिन! क्या कहते हैं आपके सितारे? पंडित जी से जानें अपनी राशि का हाल

हालांकि रविवार को अमेरिका ने कहा कि वह भारत की मदद के लिए उसके साथ खड़ा है. व्हाइट हाउस कोविशिल्ड वैक्सीन के भारतीय निर्माण के लिए जरूरी कच्चा माल तुरंत भारत को उपलब्ध कराया जाएगा. इससे पहले दिन में, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन ने आज राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से फोन पर बात की, उन्होंने COVID-19 मामलों में हालिया वृद्धि के बाद भारत के लोगों के लिए गहरी सहानुभूति व्यक्त की. Also Read - Aaj Ka Panchang, 20 May 2022: देखें आज का पंचाग, शुभ योग और मुहूर्त में हर काम होगा सफल

बता दें कि अमेरिका में कोविड-19 टीके के प्रमुख कच्चे माल के निर्यात पर प्रतिबंध लगा है. इससे भारत में इस टीके के विनिर्माण में सुस्ती आने की आशंका बढ़ गई है. सुलविन ने डोभाल से कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका ने कोविशिल्ड वैक्सीन के भारतीय निर्माण के लिए तत्काल आवश्यक कच्चे माल के स्रोतों की पहचान की है जो तुरंत भारत के लिए उपलब्ध कराया जाएगा. Also Read - IPL 2022- रंग में लौटे Virat Kohli, ताबड़तोड़ ठोके 73 रन, देखें इस पारी की झलकियां

इससे पहले अमेरिकी अधिकारियों ने कहा है कि भारत में कोविड-19 के मौजूदा संकट से निपटने के तरीकों की पहचान करने के लिए अमेरिका उसके साथ मिलकर काम कर रहा है. वहीं बाइडन प्रशासन पर एस्ट्राजेनेका टीका और कई जीवनरक्षक चिकित्सीय आपूर्तियों के साथ अन्य कोविड-19 टीकों को भारत भेजे जाने को लेकर कई वर्गों की तरफ से खासा दबाव बनाया जा रहा है. व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव जेन साकी ने शुक्रवार को कहा कि अमेरिका इस वैश्विक महामारी से जूझ रहे भारत के लोगों के प्रति गहरी सहानुभूति रखता है. साकी ने अपने दैनिक संवाददाता सम्मेलन में कहा, “हम संकट से निपटने के तरीकों की पहचान के लिए भारतीय अधिकारियों के साथ राजनीतिक एवं विशेषज्ञ दोनों स्तर पर करीब से काम कर रहे हैं.”