नई दिल्ली: लॉकडाउन के दौरान करीब दो महीने तक बंद रहने के बाद आज से से देश में शॉपिंग मॉल, धार्मिक स्थल, होटल और रेस्तरां फिर से खुल गए हैं, जिनमें नए नियमों के तहत प्रवेश के लिए टोकन प्रणाली जैसी प्रणालियां होंगी, वहीं मंदिरों में ‘प्रसाद’ आदि का वितरण नहीं होगा.Also Read - Shirdi Sai Temple Reopen Latest Update: 7 अक्टूबर से खुल जाएगा शिर्डी साई मंदिर, गाइडलाइंस जारी

कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच इन सबके खुलने से नई चुनौतियां सामने आ सकती हैं. Also Read - दिल्ली में खोले गए सभी धार्मिक स्थल, त्योहारों के सीजन में इन नियमों का पालन करना है अनिवार्य

भारत लॉकडाउन से बाहर निकलने की तैयारी कर रहा है और मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) के साथ सभी गैर-निरुद्ध क्षेत्रों में प्रतिबंधित गतिविधियां बहाल करने के लिए तीन चरणों की योजना के तहत पहला दौर ‘अनलॉक-1’ के रूप में तब शुरू होने जा रहा है, जब देश में रविवार को लगातार पांचवें दिन भी कोविड-19 के मामलों में 9,000 से अधिक की वृद्धि हुई. यह एसओपी 30 जून तक प्रभाव में रहेगी. Also Read - गोवा जाने का प्लान बना रहे हैं तो पढ़ लें ये खबर, राज्य सरकार ने होटलों को दिए हैं खास निर्देश

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा एसओपी जारी किए जाने के बाद शॉपिंग मॉल, होटलों और रेस्तरांओं और धार्मिक स्थलों पर जाना अब लॉकडाउन लगने से पहले की तरह नहीं होगा. मॉल में सिनेमा हॉल, गेमिंग आर्केड और बच्चों के खेलने की जगहें पहले की तरह प्रतिबंधित स्थल में रहेंगी. एसओपी परामर्श वाली प्रकृति के हैं और केंद्र सरकार ने इनका ब्योरा तय करने का अधिकार राज्यों को दिया है.

यूपी में इन जगहों पर कोरोना के मद्देनजर बंद रहेंगे
– धार्मिक स्थल आज मंदिर खुलने के आदेश दे दिए गए है, लेकिन वाराणसी में मंदिर नही खुलेंगे.
– जिला प्रशासन ने हर मंदिर को निरीक्षण के बाद खोलने की अनुमति देगा

आगरा में भी अभी धार्मिक स्थल बंद रहेंगे
–  आगरा  के  मंदिर के पुजारी को पूजा, पादरी को विशेष प्रार्थना, मौलवी को नमाज करने की अनुमति ही होगी
– आम श्रद्धालु धार्मिक स्थल में नहीं जा सकेंगे
– हॉटस्पॉट क्षेत्र में पहले जैसी स्‍थ‍िति रहेगी
– यह निर्णय आगरा डीएम एसएसपी के साथ धर्मगुरुओं की बैठक में यह निर्णय हुआ है

कानपुर में आज नहीं खुलेंगे कानपुर के धार्मिक स्थल
कानपुर में धर्मगुरु धर्मस्‍थल खोलने को तैयार नहीं है
-जिलाधिकारी 2 दिन बाद धर्मगुरुओं से बैठक करेंगे
– 2 दिन बाद सारी इंतजामों की समीक्षा के मीटिंग में फैसला लिया जाएगा

द‍िल्‍ली में क्‍या है स्‍थ‍िति
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कल घोषणा की थी शहर की सीमाएं सोमवार से फिर खुल जाएंगी. उन्होंने कहा, ‘‘हम कल दिल्ली की सीमाएं खोलने जा रहे हैं. मॉल, रेस्तरां और धार्मिक स्थल खुलेंगे लेकिन होटल और बैंक्वेट हॉल बंद रहेंगे. राष्ट्रीय राजधानी स्थित सभी धार्मिक स्थलों को सोमवार से खुलने की अनुमति है.

पंजाब सरकार ने अपने दिशानिर्देशों के तहत मॉलों में प्रवेश के लिए टोकन देने की प्रणाली अपनाई है.

– गुजरात में कुछ धार्मिक स्थलों ने पालियों में प्रार्थना आयोजित करने का फैसला किया है और श्रद्धालुओं के ल‍िए टोकन प्रणाली शुरू की है ताकि सामाजिक दूरी के नियम का पालन हो और भीड़-भाड़ नहीं हो.

– महाराष्ट्र सरकार ने धार्मिक स्थलों को खोलने पर अभी फैसला नहीं किया है

उत्तराखंड में चारधाम यात्रा का फैसला देवस्थानम् बोर्ड करेगा, दूसरे राज्‍य के श्रद्धालु अभी नहीं आएं
-उत्तराखंड सरकार ने कोरोना वायरस संकट के मद्देनजर चारधाम यात्रा को श्रद्धालुओं के लिए खोलने के संबंध में रविवार को फैसला नवगठित चारधाम देवस्थानम् बोर्ड पर छोड़ दिया.
–  देहरादून में कन्टेनमेंट जोन में धार्मिक स्थलों पर लगी पाबंदी फिलहाल जारी रहेगी
– प्रदेश के धार्मिक स्थल सुबह सात बजे से लेकर शाम सात बजे तक खुले रहेंगे
– सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि बाहर के प्रदेशों से श्रद्धालुओं को आने की अभी अनुमति नहीं है
– बद्रीनाथ मंदिर से लेकर यमुनोत्री मंदिर और नीलकंठ महादेव मंदिर आदि प्रमुख मंदिरों के मुख्य पुजारियों और पुरोहितों ने सरकार से मंदिरों को श्रद्धालुओं के लिए न खोले जाने का आग्रह किया था
– बद्रीनाथ धाम के मुख्य पुजारी रावल ईश्वरी प्रसाद नंबूदरी समेत 24 से अधिक लोगों ने मुख्यमंत्री से बद्रीनाथ यात्रा को फिलहाल 30 जून तक बंद रखने का आग्रह किया था.

केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय ने भी आठ जून से भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के तहत 820 केंद्रीय संरक्षित स्मारकों को खोलने की मंजूरी दे दी है, जिनमें पूजास्थल हैं. केंद्रीय संस्कृति मंत्री प्रह्लाद पटेल ने यह जानकारी दी.

केंद्र सरकार के दिशानिर्देशों के तहत कर्नाटक सरकार ने धार्मिक स्थलों के लिए सामाजिक दूरी बनाकर रखने, तीर्थ (पवित्र जल) या प्रसाद नहीं बांटने और विशेष पूजा अर्चना पर रोक रखने के नियम तय किये हैं.

गोवा में चर्च और मस्जिदों को कुछ और समय तक बंद रखने का फैसला लिया गया है. महाराष्ट्र सरकार ने धार्मिक स्थलों को खोलने पर अभी फैसला नहीं किया है.

दिल्ली की जामा मस्जिद के शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी ने कहा कि ऐतिहासिक मस्जिद सोमवार से खुलेगी, जिसमें सुरक्षा के सभी कदम उठाए गए हैं. उन्होंने हालांकि कहा कि सरकार को कोविड-19 के बढ़ते मामलों के मद्देनजर धार्मिक स्थलों को खोलने पर पुनर्विचार करना चाहिए. लोगों मस्जिद में नमाज के लिए आने से पहले अपने घर में ही वजू करें. नमाज के लिए इस्तेमाल होने वाली दरियां हटा दी गई हैं और लोग अपने घरों से चटाई लेकर आएंगे. एक-दूसरे के शरीर से दूरी बरकरार रखने के लिए फर्श पर निशान बनाए गए हैं, ताकि लोगों के बीच पर्याप्त दूरी रह सके. सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को मस्जिद आने की अनुमति नहीं दी जाएगी.

दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधन समिति के अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि सीसगंज, रकाबगंज और बंगला साहिब गुरद्वारों में समूचे परिसरों को नियमित तौर पर संक्रमणमुक्त किया जा रहा है. जिस स्थान पर लोग गुरु ग्रंथ साहिब को नमन करते हैं, उस स्थान पर विशेष रूप से ध्यान दिया जा रहा है. एक-दूसरे के शरीर से दूरी सुनिश्चित करने के लिए प्रवेश और निकास बिंदुओं की संख्या बढ़ा दी गई है.’’ लोगों को सिर ढंकने के लिए कपड़ा नहीं दिया जाएगा, उन्हें अपना खुद का कपड़ा सिर पर रखना होगा. गुरुद्वारे में जूते-चप्पल संभालने का काम नहीं होगा और पैरों को साफ करने के लिए संक्रमणमुक्त पानी का इस्तेमाल किया जाएगा. सिरसा ने कहा कि श्रद्धालुओं को गुरुद्वारों में बैठने की अनुमति नहीं होगी और अरदास करने के तुरंत बाद उन्हें बाहर जाना होगा.

बिशप अनिल कोउतो, दिल्ली, आर्चडियोसीज ने कहा कि रोमन कैथलिक चर्च के तहत आने वाले गिरजाघर सोमवार से तत्काल नहीं खुलेंगे.