Full Guidelines for Yoga institutes and gymnasiums: गृह मंत्रालय ने बुधवार को ‘अनलॉक 3.0’ के लिए दिशानिर्देश जारी किए थे, जो एक अगस्त से लागू होंगे। दिशानिर्देशों के अनुसार, रात के दौरान लोगों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया गया है और योग सेंटर व जिम को पांच अगस्त से खोलने की अनुमति दी गई थी. अब इसको लेकर व्यापक दिशानिर्देश जारी किए गए हैं. गृह मंत्रालय ने सोमवार को जिम और योग संस्थानों के लिए विशेष दिशानिर्देशों जारी किए हैं. गाइडलाइन के मुताबिक, 65 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों और 10 साल से कम उम्र के बच्चों को जिम या योग संस्थान में आने की इजाजत नहीं होगी. Also Read - भारत में 10 लाख की आबादी पर कोरोना के 4000 मामले और 64 मौतें, देश का रिकवरी रेट 80 प्रतिशत से अधिक

कोरोनोवायरस के प्रसार को रोकने के लिए मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) के तहत, सरकार ने योग और वर्कआउट सेसन को केवल ऐसी गतिविधियों तक ही सीमित रखा है, जिसमें ट्रेनर को किसी मेम्बर को छूने की आवश्यकता न हो और प्रति 1,000 वर्ग फुट स्थान पर 10 से अधिक व्यक्ति न हों. जिम या योग संस्थानों में हर व्यक्तियों को जहां तक ​​संभव हो 6 फीट की न्यूनतम दूरी बनाए रखनी चाहिए. परिसर में हर समय फेस कवर या मास्क का उपयोग अनिवार्य है. मंत्रालय ने कहा कि निरुद्ध क्षेत्रों में मौजूद सभी योग संस्थान और जिम बंद रहेंगे तथा केवल इन क्षेत्रों से बाहर मौजूद योग संस्थान और जिम को कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए तैयार दिशा-निर्देशों के तहत खोलने की अनुमति होगी. दिशा-निर्देशों के मुताबिक, ‘‘स्पा, सौना, स्टीम बाथ और स्विमिंग पूल बंद रहेंगे.’’ Also Read - कोरोना से बुरी तरह प्रभावित ये सात राज्य, मुख्यमंत्रियों के साथ समीक्षा बैठक करेंगे पीएम मोदी

जिम और योगा सेंटर खोलने के लिए इन नियमों का करना होगा पालन

  • केवल कंटेनमेंट जोन के बाहर के क्षेत्रों में जिम और योगा सेंटर खोलने की अनुमति होगी.
  • सभी संस्थानों को केंद्र के स्वास्थ्य दिशानिर्देशों का पालन करना होगा और स्वास्थ्य मंत्रालय ने 65 साल से अधिक उम्र के लोगों, गंभीर बीमारियों का सामना कर रहे लोगों, गर्भवती महिलाओं और 10 साल से कम उम्र के बच्चों को बंद जगहों पर जिम का इस्तेमाल नहीं करने की सलाह दी है.
  • परिसर में हर समय फेस कवर या मास्क का उपयोग अनिवार्य है. दिशानिर्देशों में हालांकि कहा गया है कि योग और जिम के दौरान जहां तक ​​संभव हो केवल गमछे या फेस शील्ड का उपयोग किया जा सकता है. मास्क का उपयोग (विशेष रूप से एन -95 मास्क) व्यायाम के दौरान सांस लेने में कठिनाई का कारण हो सकता है.
  • हाथ को साबुन से कम से कम 40-60 सेकंड तक हाथ धोने की प्रैक्टिस करें.
  • अल्कोहल हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल कीजिए.
  • खांसी या छीकने पर रूमाल या कोहनी का इस्तेमाल करें.
  • जिम या योग संस्थान में थूकना सख्त वर्जित होना चाहिए.
  • आरोग्य सेतु ऐप की इस्तेमाल जरूर करें.
  • संस्थान के परिसर को सैनिटाइज किया जाएगा.
  • परिसर की बिल्डिंग, रूम के साथ ही स्टाफ और विजिटर की मौजूदगी वाले जगह को सैनिटाइज किया जाएगा.
  • योग क्रिया और ग्रुप फिटनेस एक्टिविटी को तब तक टाला जाना चाहिए जब तक कि आवश्यक न हो, और यदि ऐसा है, तो इसे खुले स्थानों में आयोजित किया जा सकता है.
  • स्पा, सौना, शॉवर, स्टीम बाथ और स्विमिंग पूल बंद होने चाहिए. लॉकर्स का उपयोग तब ही किया जाए जब सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हो सके.
  • एक बैच से दूसरे बैच के बीच न्यूनतम 15-30 मिनट का गैप होना चाहिए ताकि उस समय के दौरान स्वच्छता और कीटाणुशोधन उपायों का पालन किया जा सके.
  • ऐसे सभी योग संस्थान और जिम के प्रवेश द्वार पर हाथों को रोगाणुमुक्त करने के लिए सैनिटाइजर और शरीर का तापमान जांचने की व्यवस्था अनिवार्य रूप से करनी होगी.
  • केवल बिना लक्षण वाले व्यक्तियों (कर्मचारी सहित) को ही परिसर में दाखिल होने की अनुमति होगी. सभी को मास्क पहने होने पर ही परिसर में प्रवेश करने दिया जाएगा.
  • जिम में हृदय एवं शक्ति बढ़ाने वाले व्यायाम आदि प्रशिक्षण से पहले मध्य उंगली को अल्कोहल से रोगाणुमुक्त किया जाना चाहिए और ऑक्सीमीटर से शरीर में ऑक्सीजन का स्तर मापा जाना चाहिए एवं जिन लोगों में ऑक्सीजन संतृप्ति (सेचुरेशन) स्तर 95 से कम है, उन्हें व्यायाम करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए.
  • हर समय दो गज की दूरी नियम का अनुपालन करने के लिए पार्किंग, गलियारों और लिफ्ट में उचित भीड़ प्रबंधन होना चाहिए ताकि भौतिक दूरी का अनुपालन सुनिश्चित हो सके.
  • दिशा-निर्देश में कहा गया कि वातानुकूलन/ वेंटिलेशन के लिए केंद्रीय लोकनिर्माण विभाग द्वारा तैयार नियम लागू होंगे. जिम या योग संस्थान में वातानुकूलन उपकरणों का तापमान 24 से 30 डिग्री सेल्सियस के बीच होना चाहिए जबकि आर्द्रता 40 से 70 प्रतिशत के स्तर पर होनी चाहिए. यथासंभव कोशिश की जानी चाहिए कि ताजी हवा आए और वेंटिलेशन की उचित व्यवस्था हो.
Also Read - सर्वे में खुलासा, वर्क फ्रॉम होम जारी रखना चाहते हैं करीब 75 प्रतिशत भारतीय कर्मचारी