Unlock 6.0 in India:  देश में कोरोना वायरस के आने के बाद केंद्र सरकार ने देशव्यापी लॉकडाउन की घोषणा की थी. इसके बाद देश में धीरे-धीरे अनलॉक का दौर शुरू हुआ, लेकिन स्कूल-कॉलेज और तमाम शिक्षण संस्थान और कुछ अन्य क्षेत्रों में अभी भी प्रतिबंध का दौर जारी है. केंद्र के दिशा निर्देशों के मुताबिक सीटों की कुल क्षमता के 50 प्रतिशत के साथ सिनेमा हॉल, थियेटर और मल्टीप्लेक्स को खोलने जैसी विभिन्न गतिविधियों को अनुमति देने के बारे में मौजूदा दिशा-निर्देश निषिद्ध क्षेत्रों के बाहर वाले इलाकों में 30 नवंबर तक लागू रहेंगे. Also Read - इस राज्य में ऑनलाइन पढ़ाई के लिए छात्रों को मिलेगा Tab, सरकारी कर्मचारियों को महंगाई भत्ते का तोहफा

इससे पहले इन गतिविधियों को शुरू करने के लिए 30 सितंबर को जारी दिशा-निर्देशों को 31 अक्टूबर तक के लिए लागू किया गया था. गृह मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा कि गृह मंत्रालय ने मंगलवार को जारी एक आदेश में इनकी अवधि 30 नवंबर तक बढ़ा दी है. दिशा-निर्देश में कहा गया है कि केंद्र की मंजूरी को छोड़कर अंतरराष्ट्रीय यात्रा पर पांबदी रहेगी जबकि राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को चरणबद्ध तरीके से स्कूलों और कोचिंग संस्थानों को खोलने पर फैसला करने की अनुमति प्रदान की गयी है. Also Read - School Reopening News: छात्र ने स्कूल खोलने को लेकर योगी आदित्यनाथ को दे दी धमकी, फिर..

निषिद्ध क्षेत्रों के बाहर वाले इलाके में सीटों की 50 प्रतिशत क्षमता के साथ सिनेमा, थिएटर और मल्टीप्लेक्स, व्यापार प्रदर्शनी, खिलाड़ियों के प्रशिक्षण के लिए स्विमिंग पूल, मनोरंजन पार्क और इसी तरह के स्थानों पर गतिविधियों की अनुमति दी गयी है. विभिन्न मंत्रालयों और विभागों ने इन गतिविधियों को शुरू करने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की है. चुनावी राज्य बिहार और उपचुनाव वाले निर्वाचन क्षेत्रों में राजनीतिक जमावड़े में बंद जगहों या हॉल में अधिकतम 200 लोगों के इकट्ठा होने की अनुमति होगी. Also Read - School Reopening News: देशभर के सभी स्कूलों को 31 दिसंबर तक किया गया बंद? जानें क्या है सच्चाई..

देश में अलग-अलग ‘अनलॉक’ चरणों में कई प्रतिबंधों में ढील दी गई, लेकिन शिक्षण संस्थान बंद रहे. ‘अनलॉक-5’ के दिशा-निर्देशों के अनुसार राज्य स्कूलों को दोबारा खोलने के संबंध में निर्णय ले सकते हैं. ‘अनलॉक 5’ के दिशा-निर्देशों के अनुसार राज्य स्कूलों को चरणबद्ध तरीके से फिर से खोलने का निर्णय ले सकते हैं. हरियाणा, पंजाब, उत्तरप्रदेश और सिक्किम समेत कुछ राज्यों ने स्कूलों को दोबारा खोलने की प्रक्रिया शुरू भी कर दी है.

देश में ‘अनलॉक’ प्रक्रिया एक जून से शुरू हुई जिसके बाद चरणबद्ध तरीके से वाणिज्यिक, सामाजिक, धार्मिक और अन्य गतिविधियों की इजाजत दी गयी. बयान में कहा गया कि अधिकतर गतिविधियों को मंजूरी दी जा चुकी है जबकि बड़ी संख्या में लोगों के जमा होने से जुड़ी कुछ गतिविधियों को कुछ शर्तों के साथ अनुमति दी गयी और एसओपी का पालन करने को कहा गया है.

इन गतिविधियों में मेट्रो रेल, शॉपिंग मॉल, होटल, रेस्तरां और आतिथ्य सेवाएं, धार्मिक स्थल, योग और प्रशिक्षण संस्थान, जिम, सिनेमा हॉल, मनोरंजन पार्क आदि शामिल हैं.

गृह मंत्रालय ने कहा कि चरणबद्ध तरीके से खोले जाने और गतिविधियों की बहाली से आशय आगे बढ़ने से है. हालांकि इसका यह मतलब नहीं है कि महामारी खत्म हो गयी है और रोजाना की दिनचर्या में कोविड-19 के संबंध में उचित व्यवहार का पालन करने के साथ सावधानी बरतने की जरूरत है.

बयान में कहा गया कि प्रधानमंत्री ने आठ अक्टूबर को कोविड-19 के बारे में सही तौर तरीके अपनाने के लिए ‘जन आंदोलन’ शुरू करते हुए तीन मंत्रों का पालन करने को कहा-सही से मास्क लगाएं, लगातार हाथ धोते रहें और छह फुट की दूरी बनाए रखें.

वहीं दिल्ली में स्कूल-कॉलेज और तमाम शिक्षण संस्थान अभी बंद रहेंगे. दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि कोविड-19 की स्थिति को देखते हुए राष्ट्रीय राजधानी में स्कूल अगले आदेश तक बंद रहेंगे. सिसोदिया ने ऑनलाइन संवाददाता सम्मलेन में कहा कि अभिभावक भी स्कूलों को अभी खोलने के पक्ष में नहीं हैं. दिल्ली सरकार ने पहले घोषणा की थी कि स्कूल 31 अक्टूबर तक बंद रहेंगे.

गुजरात सरकार ने भी कहा है कि वह दिवाली के बाद ही स्कूलों को फिर से खोलने पर विचार करेगी। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि मध्य नवंबर के बाद स्कूलों को खोलने के बारे में फैसला किया जाएगा.

कर्नाटक सरकार ने कहा है कि वह स्कूलों को फिर से खोलने की जल्दबाजी में नहीं है और सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद इस पर फैसला करेगी। मेघालय सरकार ने राज्य में स्कूलों को खोले जाने के संबंध में अंतिम निर्णय के लिए अभिभावकों की राय मांगी है.