लखनऊ। उन्नाव गैंगरेप केस में आरोपी बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर आज एसएसपी आवास पहुंचे. कयास लगाए जा रहे थे कि वह सरेंडर करेंगे लेकिन ऐसा नहीं हुआ. सेंगर जब यहां पहुंचे तो एसएसपी मौजूद ही नहीं थे. इस दौरान मीडिया से बातचीत में उन्होंने खुद को बेगुनाह बताते हुए रेप के आरोप को झूठा बताया. हालांकि अभी तक विधायक के खिलाफ केस दर्ज नहीं हुआ है. उनके भाई और अन्य आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. इस मामले ने इस कदर तूल पकड़ा है कि योगी सरकार और बीजेपी दोनों की खूब किरकिरी हो रही है. अब तक सेंगर की गिरफ्तारी नहीं होने से विपक्ष बीजेपी सरकार पर हमलावर है और सरकार पूरी तरह बैकफुट पर है. बुधवार को ही अमित शाह और सीएम योगी की मुलाकात हुई है.Also Read - भाजपा सांसद वरुण गांधी ने फिर लिखा सीएम योगी को पत्र, बोले- गन्ने का मूल्य 400 रुपये प्रति क्विंटल कीजिए

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सेंगर ने कहा, मेरे खिलाफ हुई साजिश Also Read - Mumbai: नेता के ऑफिस में कार्यकर्ता के यौनशोषण का आरोप, शिवसेना नेत्री ने पूछा- अब कहां हैं भाजपा के नेता

मीडिया के सामने आए कुलदीप सेंगर ने कहा कि मुझ पर लगाया गया रेप का आरोप झूठा है. मुझे भगोड़ा कहा जा रहा था, इसीलिए सामने आया हूं. अगर मैं दोषी हूं तो मुझे सजा मिले, इस मामले में निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. जिन लोगों ने इस साजिश को अंजाम दिया, उनका किसी ने इतिहास नहीं देखा. मैंने किसी पर दवाब नहीं बनाया. मैंने अपने सार्वजनिक और राजनीतिक जीवन में कभी ऐसा काम नहीं किया.  मैंने  पुलिस से कहा कि जब मुझे बुलाएंगे तब उपलब्ध हूं.

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एसपी पर गिर सकती है गाज

खबर ये भी है कि इस मामले में उन्नाव के एसपी पर भी कार्रवाई हो सकती है. इस मामले में पीड़िता ने विधायक और उनके समर्थकों पर गैंगरेप का आरोप लगाया था. सेंगर ने दो दिन पहले सीएम योगी आदित्यनाथ से मिलकर सफाई भी दी थी. मामला तूल पकड़ने के बाद सरकार ने एसआईटी का गठन किया जिसे बुधवार शाम तक रिपोर्ट सौंपनी थी.

पीड़िता को सीएम से मिलने नहीं दिया गया

बता दें कि रेप पीड़िता आरोपी सीएम दरबार में पहुंची थी लेकिन उसे सीएम से मिलने की इजाजत नहीं दी गई. इससे आहत होकर उसने सीएम आवास के बाहर सुसाइड की भी कोशिश की. इस बीच उसके पिता की पुलिस हिरासत में मौत भी हो गई जिसे पुलिस ने एकतरफा कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार किया था. अब ये मामला सरकार और स्थानीय पुलिस प्रशासन के लिए गले की हड्डी बन गया है.

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पिता की पुलिस हिरासत में मौत

इस मामले में अब तक सरकार ने 6 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है. अब उन्नाव एसपी पर भी गाज गिर सकती है. 3 अप्रैल को पीड़िता के पिता पर घर लौटते समय हमला हुआ. उन्‍हें बीजेपी विधायक के घर ले जाया गया. वहां आवास के बाहर उन्‍हें डंडों से पीटा गया. फिर स्‍थानीय पुलिस को बुला पीड़िता के पिता को पुलिस के हवाले कर दिया. पुलिस ने उन पर आर्म्‍स एक्‍ट लगाया. 8 अप्रैल को जब उनकी हालत बिगड़ी तो पुलिस उन्‍हें जेल से लेकर जिला अस्‍पताल पहुंची. 9 अप्रैल को उनकी मौत हो गई.