उन्नावः आरोपियों द्वारा जलाई गई उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता की मौत के बाद जहां पूरे देश में रोष व्याप्त है. सरकार और प्रशासन लगातार महिलाओं की सुरक्षा के लिए कड़े से कड़े कदम उठाने की बात कर रही है. लकिन ऐसा लग रहा है कि देश में इतनी घटनाएं होने के बाद भी पुलिस अपनी आदतों में सुधार लाने का नाम नहीं ले रही. शनिवार को एक महिला ने उन्नाव में पुलिस पर यह आरोप लगाया कि जब वह शिकायत करने पहुंची तो पुलिस ने उकी शिकायत लिखने से मना कर दिया.

महिला ने को बताया कि जब वह थाने वह थाने में दुष्कर्म के प्रयास की शिकायत दर्ज कराने पहुंची तो पुलिस ने अभद्र तरह से बात की और कहा कि जब दुष्कर्म हो जाए तब आना, तभी शिकायत दर्ज होगी. पुलिस स्टेशन में पुलिस ने महिला से कहा, “रेप तो हुआ नहीं, जब होगा तब आना.” महिला ने बताया कि कुछ महीने पहले गांव के ही तीन लोगों ने उसके साथ दुष्कर्म करने का प्रयास किया था.

महिला ने कहा, “मैं अपनी दवाई लेने जा रही थी. तभी तीनों ने मुझे रोका और मेरे कपड़े खींचने लगे. उन्होंने मेरे साथ दुष्कर्म करने का भी प्रयास किया.” महिला ने इसमें शामिल सभी आरोपियों की पहचान भी की. इसके बाद जब वह शिकायत करने पुलिस के पास पहुंची तो पुलिस ने उसे भगा दिया और दुष्कर्म होने के बाद आने के लिए कहा.

महिला ने बताया कि वह तीन महीने से थाने के चक्कर लगा रही है, लेकिन किसी ने भी मामले की सुनवाई नहीं की. महिला ने कहा, “घटना के बाद, मैंने 1090 (महिला हेल्प लाइन) पर फोन किया और उन्होंने मुझे 100 डायल करने के लिए कहा, लेकिन उन्होंने मुझे फिर उन्नाव पुलिस में इस मामले की शिकायत करने के लिए कहा.” महिला ने आरोप लगाया कि आरोपी उसे शिकायर्त दर्ज कराने पर जान से मारने की धमकी दे रहे हैं.