नई दिल्ली: दिल्ली हाईकोर्ट ने दुष्कर्म के दोषी पूर्व भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर द्वारा दायर याचिका पर शुक्रवार को सीबीआई से जवाब मांगा. याचिका में सेंगर ने अपने दोषी ठहराए जाने और अंतिम सांस तक कारावास में रहने की सजा को चुनौती दी है. न्यायमूर्ति मनमोहन सिंह और न्यायमूर्ति संगीता ढींगरा सहगल की पीठ ने सीबीआई को नोटिस जारी किया.

भाजपा से निष्कासित विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को दिल्ली की अदालत ने उन्नाव (उत्तर प्रदेश) में 2017 में एक नाबालिग लड़की से दुष्कर्म करने के मामले में दोषी ठहराया है. हाईकोर्ट ने सेंगर को जुर्माना राशि भरने के लिए दो महीने का और समय दिया. अदालत ने सेंगर को पीड़िता को 10 लाख रुपये देने और शेष 15 लाख रुपये एफडीआर में बदलने और हाईकोर्ट की रजिस्ट्री में जमा करने का निर्देश दिया.

अदालत ने पॉक्सो कानून के तहत ठहराया था दोषी
बता दें अदालत ने सेंगर को भारतीय दंड संहिता और यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) कानून के तहत दोषी ठहराया था. सेंगर ने 2017 में युवती को अगवा किया और उससे दुष्कर्म किया. यह घटना जब हुई थी युवती उस समय नाबालिग थी. इस मामले में सुनवाई पिछले साल पांच अगस्त को शुरू हुई थी. उच्चतम न्यायालय के निर्देश पर इसे उत्तर प्रदेश में उन्नाव से दिल्ली स्थानांतरित किया गया था.

यूपी से दिल्ली ट्रांसफर हुआ था केस
तत्कालीन प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई को दुष्कर्म पीड़िता द्वारा लिखे गए पत्र का संज्ञान लेते हुए उच्चतम न्यायालय ने उन्नाव दुष्कर्म मामले के साथ दर्ज सभी पांच मामलों को एक अगस्त को उत्तर प्रदेश में लखनऊ अदालत से दिल्ली की अदालत में स्थानांतरित कर दिया था. न्यायालय ने रोजाना आधार पर सुनवाई करने और 45 दिन के भीतर मुकदमे को अंजाम तक पहुंचाने का निर्देश भी दिया था.