नई दिल्ली: भाजपा के निष्कासित विधायक कुलदीप सिंह सेंगर ने 2017 में उन्नाव में एक नाबालिग लड़की से दुष्कर्म मामले में अपनी दोषसिद्धि और उम्रकैद को चुनौती देने के लिए बुधवार को दिल्ली उच्च न्यायालय का रुख किया. सेंगर ने निचली अदालत के 20 दिसंबर के फैसले को चुनौती दी. अदालत ने उसे उम्रकैद की सजा सुनायी थी और 25 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था.

 

अदालत ने सेंगर को भारतीय दंड संहिता और यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) कानून के तहत दोषी ठहराया था. सेंगर ने 2017 में युवती को अगवा किया और उससे दुष्कर्म किया. यह घटना जब हुई थी युवती उस समय नाबालिग थी. इस मामले में सुनवाई पिछले साल पांच अगस्त को शुरू हुई थी. उच्चतम न्यायालय के निर्देश पर इसे उत्तर प्रदेश में उन्नाव से दिल्ली स्थानांतरित किया गया था.

तत्कालीन प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई को दुष्कर्म पीड़िता द्वारा लिखे गए पत्र का संज्ञान लेते हुए उच्चतम न्यायालय ने उन्नाव दुष्कर्म मामले के साथ दर्ज सभी पांच मामलों को एक अगस्त को उत्तर प्रदेश में लखनऊ अदालत से दिल्ली की अदालत में स्थानांतरित कर दिया था. न्यायालय ने रोजाना आधार पर सुनवाई करने और 45 दिन के भीतर मुकदमे को अंजाम तक पहुंचाने का निर्देश भी दिया था.