आगरा: ताजमहल का बदलता रंग चिंता का विषय बना हुआ है. कभी हरा, काला, पीला होने वाले ताज का ऐसा हाल क्यों हो रहा है, केंद्र सरकार इसकी जांच कराएगी. केंद्र सरकार सच्चाई सामने के लिए ताजमहल की कलर स्पेक्ट्रोग्राफी कराएगी. इससे ताजमहल के संगमरमर का वास्तविक रंग क्या है, ये पता लग सकेगा.

आगरा में ताज को लेकर मीटिंग
रविवार को आगरा में ताजमहल संरक्षण को लेकर मीटिंग हुई. बैठक में अधिकारियों के साथ ही आगरा के सांसद व विधायकों ने भी हिस्सा लिया. मीटिंग में केंद्रीय पर्यावरण राज्यमंत्री डॉ. महेश शर्मा पहुंचे. इस दुआरण उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि ताजमहल के संगमरमर का असली रंग क्या है, इसका पता लगाया जाएगा. इसके लिए केंद्र सरकार ने कलर स्पेक्ट्रोग्राफी कराने का फैसला लिया है. इसके बाद इससे आने वाली रिपोर्ट को सुप्रीम कोर्ट में पेश किया जाएगा. बता दें कि ताजमहल का रंग लगातार बदल रहा है. इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग को फटकार लगाई थी. ताज का रंग बदलने को लेकर कोर्ट ने चिंता जताई थी. ताजमहल विश्व धरोहरों में से एक है. पूरी दुनिया के पर्यटक इसकी खूबसूरती देखने आते हैं.

ताजमहल पहले पीला था, लेकिन अब यह भूरा और हरा हो रहा: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने इस तरह लगाई थी फटकार
सुप्रीम कोर्ट ने विश्व धरोहर ताजमहल के बदलते रंग पर चिंता व्यक्त करते हुए मंगलवार को कहा कि सफेद रंग का यह स्मारक पहले पीला हो रहा था, लेकिन अब यह भूरा और हरा होने लगा है. जस्टिस मदन बी लोकूर और न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता की पीठ ने केंद्र को सुझाव दिया कि भारतीय और विदशी विशेषज्ञों की मदद लेकर पहले इसके नुकसान का आकलन किया जाए और फिर इस ऐतिहासिक स्मारक का मूल रूप बहाल करने के लिए कदम उठाए जाएं.

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शीर्ष कोर्ट की बेंच ने कहा, ”हमें नहीं पता कि आपके पास इसकी विशेषज्ञता है या शायद नहीं है. यदि आपके पास विशेषज्ञता हो तो भी आप इसका उपयोग नहीं कर रहे हैं. या शायद आप परवाह नहीं करते.” पीठ ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि यदि ऐसा कोई निर्णय नहीं हो कि ताज को जाना ही होगा तो शायद हमें भारत के बाहर के किसी विशेष दक्षता प्राप्त संगठन की आवश्यकता होगी. आप भारत और विदेशों के विशेषज्ञों की मदद ले सकते हैं.”