
Rishabh Kumar
ऋषभ कुमार पाण्डेय डिजिटल मीडिया और खबरों की दुनिया में एक साल से अधिक समय का अनुभव रखते हैं. ऋषभ टेक और Off-Beat से जुड़ी खबरों में दिलचस्पी रखते ... और पढ़ें
UP School Holiday: उत्तर प्रदेश में इस समय कड़ाके की ठंड, शीतलहर और घने कोहरे ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है. सड़कों पर दृश्यता कम हो गई है और लोग बेहद जरूरी होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं. सबसे ज्यादा परेशानी छोटे बच्चों और बुजुर्गों को हो रही है. इसी स्थिति को देखते हुए बरेली जिला प्रशासन ने स्कूलों को लेकर बड़ा फैसला लिया है. बरेली के जिलाधिकारी (डीएम) ने छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्कूलों की छुट्टियां बढ़ा दी हैं, जिससे अभिभावकों और बच्चों को बड़ी राहत मिली है.
बरेली के डीएम ने शनिवार शाम आदेश जारी कर बताया कि कड़ाके की ठंड और कोहरे को देखते हुए जिले में कक्षा 1 से 8 तक के सभी स्कूल 30 दिसंबर तक बंद रहेंगे. यह आदेश सभी बोर्डों और मान्यता प्राप्त स्कूलों पर लागू होगा. बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) ने साफ किया है कि आदेश का सख्ती से पालन कराया जाएगा. यदि कोई स्कूल खुला पाया गया तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. प्रशासन का साफ कहना है कि बच्चों की सेहत के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा.
डीएम के इस फैसले से छात्रों को लगातार चार दिन की छुट्टी मिल गई है. 26 दिसंबर को गुरु गोविंद सिंह जयंती के कारण पहले ही स्कूलों में अवकाश था. इसके बाद 28 दिसंबर को रविवार रहा. अब 29 और 30 दिसंबर को भी स्कूल बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं. ऐसे में स्कूल अब सीधे 31 दिसंबर, बुधवार को खुलेंगे. ठंड के इस मौसम में बच्चों को घर पर रहने का मौका मिलने से अभिभावकों ने भी राहत की सांस ली है.
प्रदेश में बढ़ती ठंड को देखते हुए योगी सरकार भी पूरी तरह अलर्ट मोड में है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि रैन बसेरे, अलाव और कंबल वितरण की व्यवस्था पूरी तत्परता से की जाए. सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति ठंड के कारण परेशान न हो. नगर निकाय, जिला प्रशासन और अन्य विभागों को आपसी समन्वय के साथ राहत कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं. प्रदेश में अब तक 1247 रैन बसेरे बनाए जा चुके हैं, जहां करीब 9949 लोग आश्रय ले चुके हैं.
शीतलहर से बचाव के लिए उत्तर प्रदेश सरकार कंबल वितरण को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दे रही है. पिछले तीन वर्षों में औसतन 10 लाख से अधिक कंबलों की खरीद की गई है, जिस पर करीब 44 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं. चालू सत्र में सभी जनपदों को 17.55 करोड़ रुपये की धनराशि जारी की जा चुकी है. 75 जिलों में कंबल खरीद के आदेश जारी हो चुके हैं और अब तक लाखों कंबल जरूरतमंदों तक पहुंचाए जा चुके हैं. शेष कंबलों का वितरण तेजी से किया जा रहा है.
ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें India Hindi की और अन्य ताजा-तरीन खबरें
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts Cookies Policy.