
Gaurav Barar
गौरव बरार (Gaurav Barar) एक अनुभवी पत्रकार और कंटेंट विशेषज्ञ हैं जिनके पास 10 साल से ज्यादा का अनुभव है. वर्तमान में, इंडिया.कॉम में बतौर चीफ सब एडिटर अपनी सेवाएं ... और पढ़ें
UP Budget 2026-27: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने एक बार फिर ऐतिहासिक कदम उठाते हुए अपना अब तक का सबसे बड़ा बजट पेश किया है. वित्त मंत्री सुरेश खन्ना द्वारा विधानसभा में पेश किया गया ये बजट न केवल बड़ा है, बल्कि इसमें राज्य के सर्वांगीण विकास, किसानों की खुशहाली और युवाओं के सुनहरे भविष्य का खाका भी खींचा गया है.
लगभग 9 लाख करोड़ रुपये से अधिक का यह बजट यूपी के इतिहास का 10वां और सबसे भारी-भरकम बजट है. जानिए इस बजट की मुख्य बातें क्या हैं और यह आम जनता के जीवन को कैसे प्रभावित करेगा.
योगी सरकार ने इस बजट में खेती-किसानी पर विशेष जोर दिया है. वित्त मंत्री ने गर्व से बताया कि उत्तर प्रदेश कृषि उत्पादन के मामले में देश में नंबर वन स्थान पर बना हुआ है.
प्रदेश के कृषि उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने और किसानों की कमाई बढ़ाने के लिए यूपी में ‘एग्री एक्सपोर्ट हब’ बनाए जाएंगे. इससे किसानों का अनाज और फल-सब्जियां विदेशों तक आसानी से पहुंच सकेंगी.
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के माध्यम से राज्य के लगभग 62 लाख किसानों को लाभ पहुंचाया गया है. फसल नुकसान की भरपाई के लिए सरकार ने 51 लाख करोड़ रुपये (सांकेतिक) की रिकॉर्ड क्षतिपूर्ति की है.
सरकार ने दावा किया है कि गन्ने की खेती करने वाले किसानों को पिछले वर्षों की तुलना में रिकॉर्ड भुगतान किया गया है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है. गेहूं और आलू के उत्पादन में उत्तर प्रदेश ने अपनी बादशाहत बरकरार रखी है.
बजट का एक बड़ा हिस्सा राज्य के युवाओं के भविष्य को समर्पित है. सरकार का लक्ष्य युवाओं को केवल डिग्री धारक बनाना नहीं, बल्कि उन्हें हुनरमंद बनाना है. युवाओं को बाजार की मांग के अनुसार तैयार करने के लिए विशेष ट्रेनिंग प्रोग्राम चलाए जाएंगे. इससे उन्हें प्राइवेट सेक्टर और उद्योगों में आसानी से नौकरियां मिल सकेंगी.
फरवरी 2024 में हुए ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का जिक्र करते हुए वित्त मंत्री ने बताया कि अब तक 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव (MoUs) मिल चुके हैं. इनसे आने वाले समय में लगभग 10 लाख नए रोजगार पैदा होने की उम्मीद है.
प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए सरकार ने 37,956 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए हैं. यह पिछले वर्ष (2025-26) के मुकाबले 15% की उल्लेखनीय वृद्धि दर्शाता है. जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम प्रदेश के सभी जनपदों में सफलतापूर्वक संचालित है, जिसका लक्ष्य गर्भवती महिलाओं को गारंटीड कैशलेस डिलीवरी की सुविधा प्रदान करना है.
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने चिकित्सा शिक्षा के लिए 14,997 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं. वर्तमान में यूपी में कुल 81 मेडिकल कॉलेज क्रियाशील हैं. लखनऊ स्थित कैंसर संस्थान के विकास के लिए 315 करोड़ रुपये का विशेष प्रावधान किया गया है.
इस बजट में सबसे बड़ा उछाल टेक्सटाइल सेक्टर में देखने को मिला है. वित्त मंत्री ने इस क्षेत्र के लिए 5,041 करोड़ रुपये का प्रस्ताव रखा है, जो पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 5 गुना से भी अधिक है. सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-2027 के दौरान वस्त्रोद्योग के माध्यम से 30,000 नए रोजगार पैदा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है.
उत्तर प्रदेश आज भारत का सबसे बड़ा मोबाइल फोन बनाने वाला राज्य है. पूरे देश में जितने मोबाइल बनते हैं, उसका 65 प्रतिशत अकेले यूपी में तैयार होता है. देश की 55% इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट यूनिट्स यूपी में हैं. प्रदेश से होने वाला इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात अब 44,744 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है. तकनीक और नवाचार को बढ़ावा देने के कारण नेशनल स्टार्टअप रैंकिंग में उत्तर प्रदेश को लीडर श्रेणी में जगह मिली है.
आधुनिक युग की जरूरतों को देखते हुए सरकार अब डेटा मैनेजमेंट पर ध्यान दे रही है. प्रदेश में बड़े स्तर पर डेटा सेंटर बनाए जाएंगे, जिससे आईटी सेक्टर को नई ऊर्जा मिलेगी. निवेश के मामले में भी राज्य ने लंबी छलांग लगाई है. अब तक 15 लाख करोड़ रुपये की 16 हजार से अधिक परियोजनाओं पर काम शुरू करने के लिए 4 ‘ग्राउंड ब्रेकिंग’ समारोह आयोजित किए जा चुके हैं.
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