लखनऊः उत्तर प्रदेश की गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा सीटों के लिए हुए उपचुनाव में रविवार को 47 प्रतिशत और 38 प्रतिशत मतदान हुआ. राज्य निर्वाचन कार्यालय के मुताबिक मतदान सुबह सात बजे शुरू होकर शाम पांच बजे तक चला और यह शांतिपूर्वक संपन्न हो गया. कार्यालय ने बताया कि गोरखपुर में 47 प्रतिशत और फूलपुर में 38 प्रतिशत मतदान हुआ. कार्यालय से संबद्ध एक अधिकारी ने बताया कि कुछ बूथों पर ईवीएम (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन) के खराब होने की शिकायतें आईं जिन्हें तत्काल बदल दिया गया.

इस बार मतदाताओं में उत्साह की कमी नजर आई, जिसकी वजह से कम लोगों ने मतदान किया. स्वच्छ एवं निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए कडे सुरक्षा इंतजाम किए गए थे. गोरखपुर लोकसभा सीट से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और फूलपुर सीट से उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य सांसद थे. दोनों के इस्तीफे के बाद ये सीटें खाली हुई थीं. 2014 में इन दोनों सीटों पर बीजेपी ने बड़े अंतर से जीत हासिल की थी. यहां तक कि एसपी, बीएसपी और कांग्रेस को मिले वोट भी बीजेपी के विजयी उम्मीदवार से कम थे. 2014 लोकसभा चुनाव के दौरान फूलपुर में 50.20 फीसदी मतदान हुआ था, जबकि गोरखपुर में 54.64 प्रतिशत वोटिंग हुई थी.

गोरखपुर में मतदान के बाद योगी ने कहा कि बीजेपी को जनता का व्यापक समर्थन मिल रहा है. एसपी-बीएसपी को आडे़ हाथ लेते हुए योगी ने कहा कि ये पार्टियां नकारात्मक राजनीति कर रही हैं. ये मोलतोल की राजनीति कर रही हैं और अवसरवादिता की राजनीति में शामिल हैं.

गोरखपुर में कुल 5 विधानसभा सीटें हैं. जहां 970 मतदान केंद्रों और 2141 मतदेय स्थलों पर मतदान सुबह सात बजे से शुरू हुआ था. इसी तरह इलाहाबाद के फूलपुर में इलाहाबाद जिले की कुल पांच विधानसभा सीटें हैं. जहां 793 मतदान केंद्रों और 2059 मतदेय स्थलों पर मतदान सुबह सात बजे से शुरू हुआ था. फूलपुर लोकसभा क्षेत्र में आने वाली इलाहाबाद पश्चिमी विधानसभा सीट के 45 मतदान केंद्र व 95 मतदेय स्थल कौशाम्बी जिले में आते हैं.

इलाहाबाद के फूलपुर लोकसभा क्षेत्र के उपचुनाव में 2155 में 1820 पोलिंग बूथ पर केंद्रीय अद्र्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है. आज यहां पर 19.63 लाख मतदाता 22 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला करेंगे. गोरखपुर सदर संसदीय सीट पर हो रहे उपचुनाव में 19.49 लाख मतदाता आज मतदान करेंगे. इनमें आठ लाख से अधिक महिलाएं हैं.

फूलपुर उप चुनाव की फाइनल वोटिंग 38%
फाफामऊ विधानसभाः 43%
सोरांव विधानसभाः 45%
फूलपुर विधानसभाः 46.32%
शहर उत्तरी विधानसभाः 21.65%
शहर पश्चिमी विधानसभाः 31%

लोकसभा की दोनों ही सीटों पर एसपी और बीएसपी ने साथ चुनाव लड़ा. बीएसपी प्रमुख मायावती ने कहा था कि बीजेपी को हराने वाले प्रत्याशी को बीएसपी के लोग वोट देंगे. वहीं एसपी कैंडिडेट का आरएलडी सहित कई छोटी पार्टियों ने समर्थन किया था. कम वोटिंग की वजह से अब ये अनुमान लगाना बहुत मुश्किल है कि जीत किस उम्मीदवार की होगी. हालांकि बताया जा रहा है कम वोट का नुकसान बीजेपी को हो सकता है. दोनों ही लोकसभा सीटों पर शहरी क्षेत्रों में कम मतदान हुआ है. शहरी मतदाताओं को बीजेपी का पारंपरिक वोटर माना जाता है.