लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यहां विधान मण्डल के विशेष सत्र के तहत समवेत सदन के समापन सम्बोधन में कहा कि पिछले 36 घण्टों में सतत विकास के लक्ष्यों से सम्बन्धित ज्वलन्त मुद्दों पर अनवरत चर्चा हुई और यह देश के लोकतंत्र की अद्भुत घटना है. योगी ने दो अक्टूर को 150वीं गांधी जयंती पर शुरू हुए सत्र के समापन पर कहा कि इस विशेष सत्र में दोनों सदनों में सदस्यों ने अपने विचार रखे. विधान सभा में 149 और विधान परिषद में 67 सदस्यों ने अपने-अपने विचार रखे. शिवपाल सिंह यादव, अदिति सिंह सहित विपक्षी नेताओं ने भी सदन की कार्यवाही में भाग लिया और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दर्शायी.

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज जनप्रतिनिधियों के सामने समाज में विश्वास का संकट है. ऐसे वातावरण में 36 घण्टे तक सतत विकास लक्ष्यों पर अनवरत चर्चा करना एक अद्भुत घटना है, जिसे मीडिया ने भी हाथों-हाथ लिया. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र संवाद से चलता है. इसे बाधित करने पर अराजकता की स्थिति बनती है. शासन की विभिन्न शैलियों में लोकतंत्र सबसे लोकप्रिय और स्वीकार्य है. उन्होंने कहा कि इस चर्चा के दौरान दोनों सदनों में सदस्यों ने खुलकर बातें रखीं और इससे लोकतंत्र मजबूत हुआ है.

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उन्होंने कहा कि इन विचारों को संकलित कर इनका दस्तावेजीकरण किया जाए, ताकि लोगों को इसके माध्यम से सतत विकास के लक्ष्यों पर सदन के अन्दर की गई चर्चा की जानकारी मिल सके. मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान बुद्ध का कथन है कि दुनिया में दुःख है तो उसका कारण भी है और निवारण भी. इसी प्रकार लोकतंत्र में यदि समस्याएं हैं तो उन समस्याओं का कारण और निवारण दोनों मौजूद हैं. प्रदेश की समस्याओं के निवारण के लिए राज्य सरकार के मंत्रियों एवं वरिष्ठ अधिकारियों ने आईआईएम लखनऊ में पिछले माह आयोजित तीन दिवसीय मंथन कार्यक्रम में भाग लिया.

योगी ने कहा कि जब तक समाज का एक भी तबका कमजोर है, तब तक सम्पूर्ण विकास सम्भव नहीं है. कमजोर को उठाने, बदहाल को खुशहाल बनाने, अशिक्षित को शिक्षित करने तथा साधनहीन को संसाधनयुक्त करने की दिशा में सतत विकास लक्ष्यों को हासिल करना आवश्यक है. इस कड़ी को आगे बढ़ाने के लिए एजेंडा-2030 एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य है, जिसे वर्ष 2016 में विश्व ने अंगीकृत किया है.

उन्होंने कहा कि देश में इसे लागू करना केवल भारत सरकार की ही जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि राज्यों की सरकारों एवं अन्य संस्थाओं की भी जिम्मेदारी है. इस दिशा में उत्तर प्रदेश में जो प्रयास किए जाएंगे, उसका प्रभाव देश में दिखायी देगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को अहमदाबाद में उत्तर प्रदेश को स्वच्छ भारत मिशन में सर्वाधिक जनसहभागिता के लिए प्रथम पुरस्कार प्रदान किया. यदि उत्तर प्रदेश में दो करोड़ 61 लाख शौचालयों का निर्माण न होता तो यह स्वच्छ भारत मिशन में सबसे बड़ा बाधक बन जाता. मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयन्ती पर सतत विकास लक्ष्यों को लेकर राज्य विधान मण्डल में चर्चा हुई.

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उन्होंने कहा कि सतत विकास लक्ष्यों को पूरा करने के लिए सर्वाधिक संसाधन जुटाने हेतु राज्य सरकार प्रतिबद्ध है. इसके लिए काम किया जा रहा है. संसाधन जुटाने के लिए राजस्व वृद्धि को प्राथमिकता दी गई है. पिछले ढाई साल में सरकारी राजस्व संग्रह को बढ़ाया गया है. इस वृद्धि दर को आगे जारी रखने के लिए राज्य सरकार कार्य कर रही है. प्रदेश सरकार ने विभिन्न योजनाओं के लिए भारत सरकार से अनुदान एवं सहायता समय से प्राप्त करने के लिए विशेष प्रयास किए हैं. विश्व बैंक, एशियन डेवलपमेन्ट बैंक, सीएसआर एवं सिविल सोसाइटी से वित्तीय सहयोग हासिल करने के लिए भी प्रयास किए गए हैं. विशेषज्ञों का सहयोग लिया गया है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि सतत विकास के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए पूरा देश उत्तर प्रदेश की ओर देख रहा है. सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए 16 समितियों का गठन किया गया है. वर्ष 2030 के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए वर्ष 2022, 2024 और 2025 तक के लक्ष्यों को अलग-अलग तय किया गया है. केन्द्र सरकार द्वारा निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में उत्तर प्रदेश तेजी से काम कर रहा है. मुख्य सचिव की अध्यक्षता में समिति का गठन किया गया है.

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